
चंडीगढ़। देशभर में जहां 80वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है, वहीं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में सुरक्षा को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। बंदी सिखों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से गवर्नर हाउस के घेराव का ऐलान किया गया है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
मोर्चा के समर्थकों को चंडीगढ़ की सीमाओं पर रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही है।
घेराव के ऐलान के बाद बढ़ी सतर्कता
कौमी इंसाफ मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर गवर्नर हाउस का घेराव करने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने चंडीगढ़ के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है। शहर के प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
समर्थकों को बॉर्डर पर रोका गया
जानकारी के अनुसार, मोर्चा के कई समर्थक चंडीगढ़ की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने बॉर्डर पर ही रोक दिया।
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर आवाजाही नियंत्रित की। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
लोगों में दिखा डर का माहौल
प्रदर्शन के ऐलान के बाद चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में लोगों में चिंता का माहौल देखने को मिला। कई लोगों ने सुरक्षा को देखते हुए घरों से निकलने से परहेज किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर शहर में सामान्य माहौल होना चाहिए, लेकिन प्रदर्शन की घोषणा के कारण लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों पर भी नजर
प्रशासन की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोहों को लेकर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सरकारी कार्यक्रमों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व के दौरान किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
कौमी इंसाफ मोर्चा की मांगें
कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से बंदी सिखों की रिहाई की मांग करता रहा है। इसके अलावा जगतार सिंह हवारा की पैरोल को लेकर भी संगठन की ओर से मांग उठाई जाती रही है।
मोर्चा का कहना है कि जिन मामलों में सजा पूरी हो चुकी है या कानूनी प्रक्रिया के तहत राहत मिल सकती है, उनमें सरकार को कदम उठाने चाहिए।
पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है निगरानी
चंडीगढ़ में फिलहाल हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आगे की स्थिति पर नजर
कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन और प्रशासन की कार्रवाई के बीच अब सभी की नजर आगे की स्थिति पर है। प्रशासन जहां किसी भी टकराव को रोकने की कोशिश कर रहा है, वहीं मोर्चा समर्थक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन की तैयारी में हैं।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चंडीगढ़ में बनी यह स्थिति प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। फिलहाल सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी के बीच शहर में हालात नियंत्रित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।





