
कोडरमा। झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी और टोबैको कंट्रोल सेल की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाकर करीब 25 खाद्य प्रतिष्ठानों और फूड स्टॉल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों ने मौके पर ही मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया।
25 खाद्य प्रतिष्ठानों की हुई जांच
जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम ने झुमरीतिलैया रेलवे स्टेशन के आसपास, रांची-पटना रोड और खुदरा पट्टी क्षेत्र में अभियान चलाया।
इस दौरान मिठाई दुकानों, खाद्य प्रतिष्ठानों और फूड स्टॉल में रखे खाद्य पदार्थों की जांच की गई। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, रंगों के इस्तेमाल और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया।
टीम ने दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए।
अजंता स्वीट्स में मिली मिलावटी मिठाइयां
जांच के दौरान अजंता स्वीट्स में बड़ी मात्रा में ऐसी मिठाइयां मिलीं, जिनमें अखाद्य रंग का इस्तेमाल किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, दुकान से अखाद्य रंग से तैयार करीब दो किलो जलेबी, पांच किलो बालूशाही और छह किलो मिलावटी मिल्क केक पाया गया।
खाद्य सुरक्षा टीम ने इन सभी खाद्य पदार्थों को जब्त कर मौके पर ही नष्ट करा दिया, ताकि इन्हें ग्राहकों को बेचकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ न किया जा सके।
गुप्ता मिष्ठान में भी मिली गड़बड़ी
अभियान के दौरान गुप्ता मिष्ठान की भी जांच की गई। यहां भी लड्डू में अखाद्य रंग के इस्तेमाल की पुष्टि हुई।
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लड्डुओं को नष्ट कराया और प्रतिष्ठान संचालक को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी।
मिलावटखोरी के खिलाफ लगातार अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि त्योहारों और विशेष अवसरों के दौरान मिठाई और खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावटखोरी की आशंका भी बढ़ जाती है।
इसी को देखते हुए विभाग की ओर से नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।
अखाद्य रंग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए कई बार कुछ दुकानदार ऐसे रंगों का इस्तेमाल करते हैं, जो खाने योग्य नहीं होते।
अखाद्य रंगों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इससे पेट संबंधी समस्याओं के अलावा लंबे समय में कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
अधिकारियों ने दुकानदारों को केवल मानकों के अनुरूप खाद्य रंगों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
दुकानदारों को दिए निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच के दौरान दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पदार्थों को ढककर रखने और गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील
विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतें। संदिग्ध रंग, गंध या गुणवत्ता वाली मिठाइयों और खाद्य सामग्री की शिकायत तुरंत संबंधित विभाग से करें।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
झुमरीतिलैया में हुई इस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि जिलेभर में जांच अभियान को और तेज किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि मिलावटखोरी रोकना और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी।





