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Punjab पिछले 24 घंटों में लुधियाना और बठिंडा ज़िलों में दो पूर्व सरपंचों की हत्या कर दी गई। लुधियाना के मानेवाल गाँव के पूर्व सरपंच नवतेज सिंह नीतू (57) की शनिवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि बठिंडा ज़िले के जस्सी पौवाली चौक पर शराब की दुकान के बाहर रविवार शाम जगतार सिंह (65) की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई। लुधियाना पुलिस ने नवतेज सिंह नीतू की हत्या के मामले में सात लोगों के खिलाफ़ केस दर्ज किया है, जिनमें उनका चचेरा भाई भी शामिल है।
शुरुआती जाँच से पता चलता है कि पीड़ित और उसके चचेरे भाई के बीच ज़मीन का पुराना विवाद था। पुलिस को शक है कि हत्या को अंजाम देने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर्स (किराये के हत्यारों) को काम पर रखा गया होगा। नवतेज शनिवार शाम मानेवाल में अपने खेतों से घर लौट रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो हमलावरों ने उनकी टोयोटा इनोवा को रोका और गोलीबारी शुरू कर दी। चलती गाड़ी पर .30 बोर की पिस्तौल से करीब 10 राउंड फायरिंग की गई, जिससे नवतेज को कई गोलियाँ लगीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
नवतेज और उनके चचेरे भाई के बीच ज़मीन का विवाद पहले से ही स्थानीय अदालत में चल रहा है, और इससे जुड़ा एक मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में भी है। पुलिस ने बताया कि दोनों के बीच पहले भी झगड़े हुए थे और उन्होंने एक-दूसरे को धमकियाँ भी दी थीं। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने कहा कि शुरुआती जाँच से संकेत मिलता है कि नवतेज के चचेरे भाई ने प्रॉपर्टी विवाद के कारण उन्हें खत्म करने की साज़िश रची होगी। खबर है कि संदिग्ध अपने घर बंद करके भाग गए हैं। जाँचकर्ताओं के लिए एक अहम सुराग नवतेज की कार में लगा डैशकैम है। पुलिस ने बताया कि कैमरे में हमले के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो हमलावर कैद हुए हैं। जाँचकर्ता संदिग्धों में से एक की पहचान करने में कामयाब रहे हैं, लेकिन अभी तक उसकी पहचान का खुलासा नहीं किया गया है।
कमिश्नर ने कहा, "शुरुआती जाँच से पता चलता है कि हत्या प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ी थी। हम उन लोगों की भूमिका की भी जाँच कर रहे हैं जिन्हें हत्या करने के लिए काम पर रखा गया होगा।" उन्होंने बताया कि संदिग्धों का पता लगाने के लिए डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस की देखरेख में छह पुलिस टीमें बनाई गई हैं। पुलिस घटनाओं का क्रम समझने और हत्या में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के लिए डैशकैम फुटेज, CCTV रिकॉर्डिंग और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है। आगे की जांच जारी है।
बठिंडा ज़िले के फुस मंडी गांव के रहने वाले जगतार सिंह (उर्फ़ तारा) पर तब हमला हुआ, जब वह शराब खरीदने के लिए शराब की दुकान पर गए थे। उनके रिश्तेदारों के मुताबिक, जगतार सिंह पर पहले कुल्हाड़ी से दो बार हमला किया गया। हमलावर बाद में पास के चौराहे से लौटकर आया और फिर से उन पर हमला करके भाग गया। चोटों के कारण जगतार की मौत हो गई। मृतक के रिश्तेदारों का दावा है कि यह घटना लोगों की मौजूदगी में हुई, लेकिन कोई भी बीच-बचाव के लिए आगे नहीं आया। उनके भाई ने कहा कि उन्हें मृतक की किसी से दुश्मनी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस ने उसी फुस मंडी गांव के रहने वाले आरोपी गुरबख्श सिंह को गिरफ़्तार कर लिया है और अपराध में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया है। बठिंडा के SP (सिटी) आसवंत सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि आरोपी और मृतक के बीच निजी दुश्मनी थी। जगतार सिंह के परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं।
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