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बंदी सिंहों की रिहाई के लिए SGPC की अरदास, 27 अगस्त से अखंड पाठ

Kavita2
22 Aug 2026 2:32 PM IST
बंदी सिंहों की रिहाई के लिए SGPC की अरदास, 27 अगस्त से अखंड पाठ
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अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की अंतरंग कमेटी की बैठक शनिवार को एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सिख धार्मिक मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बंदी सिंहों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

बैठक में तय किया गया कि SGPC के प्रबंधन वाले ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों में 27 अगस्त को श्री अखंड पाठ साहिब शुरू करवाए जाएंगे। अखंड पाठ साहिब का भोग 29 अगस्त को डाला जाएगा। इसके बाद बंदी सिंहों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल के लिए विशेष रूप से अरदास की जाएगी।

27 अगस्त से शुरू होंगे अखंड पाठ

बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, 27 अगस्त को SGPC के अधीन आने वाले ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों में श्री अखंड पाठ साहिब की शुरुआत होगी। इसके लिए संबंधित गुरुद्वारा प्रबंधकों और अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

अखंड पाठ साहिब की परंपरा सिख धार्मिक जीवन में विशेष महत्व रखती है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ लगातार किया जाता है और निर्धारित अवधि के बाद उसका भोग डाला जाता है। इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से सिख समुदाय सामूहिक रूप से अरदास करता है।

SGPC की अंतरंग कमेटी ने तय किया है कि इस धार्मिक आयोजन को बंदी सिंहों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग से जोड़ा जाएगा।

29 अगस्त को होगा भोग

27 अगस्त को शुरू होने वाले अखंड पाठ साहिब का भोग 29 अगस्त को डाला जाएगा। इसके बाद विशेष अरदास की जाएगी। इसमें बंदी सिंहों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग रखी जाएगी।

SGPC की ओर से इस संबंध में सभी संबंधित गुरुद्वारा साहिबों को कार्यक्रम की जानकारी देने और धार्मिक आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।

बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा

बैठक में बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा हुई। सिख संगठनों और SGPC की ओर से लंबे समय से उन सिख कैदियों की रिहाई की मांग उठाई जाती रही है, जो अपनी निर्धारित सजा पूरी करने के बावजूद विभिन्न कारणों से जेलों में बंद बताए जाते हैं।

SGPC का रुख रहा है कि जिन बंदियों ने कानून के तहत निर्धारित सजा पूरी कर ली है, उनके मामलों पर मानवीय और कानूनी आधार पर विचार किया जाना चाहिए। इसी क्रम में अंतरंग कमेटी की बैठक में इस विषय को फिर प्रमुखता से उठाया गया।

भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल पर भी चर्चा

बैठक में भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल का मुद्दा भी शामिल रहा। कमेटी ने उनके लिए पैरोल की मांग को लेकर अरदास करने का निर्णय लिया है।

इस निर्णय के बाद SGPC की ओर से धार्मिक स्तर पर इस मांग को आगे बढ़ाने की तैयारी की गई है। कमेटी का मानना है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में संगत की सामूहिक अरदास का विशेष महत्व है।

धार्मिक संस्थाओं को दिए निर्देश

बैठक में लिए गए निर्णय को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए SGPC प्रबंधन ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों में अखंड पाठ के आयोजन के दौरान संगत की सुविधा, धार्मिक मर्यादा और कार्यक्रम की व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

इसके अलावा 29 अगस्त को भोग के बाद होने वाली अरदास के लिए भी आवश्यक प्रबंध करने की बात कही गई है।

सिख धार्मिक मामलों पर हुई चर्चा

अंतरंग कमेटी की बैठक में केवल बंदी सिंहों और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल का मुद्दा ही नहीं, बल्कि सिख धर्म और गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने धार्मिक संस्थाओं की गतिविधियों, संगत की सुविधाओं और सिख परंपराओं से जुड़े विभिन्न मामलों पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में लिए गए प्रस्तावों के माध्यम से SGPC ने धार्मिक मामलों पर अपने रुख को स्पष्ट किया। बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा लंबे समय से सिख राजनीति और धार्मिक संगठनों के बीच चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में SGPC की ओर से अखंड पाठ और अरदास का कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सामूहिक अरदास के जरिए उठेगी मांग

SGPC द्वारा तय कार्यक्रम के तहत 27 से 29 अगस्त तक होने वाले धार्मिक आयोजन के बाद बंदी सिंहों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल के लिए अरदास की जाएगी। इससे इस मुद्दे को धार्मिक और सामुदायिक स्तर पर एक बार फिर प्रमुखता मिलने की संभावना है।

अंतरंग कमेटी की बैठक के बाद SGPC ने कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर संबंधित संस्थाओं को सक्रिय कर दिया है। अब 27 अगस्त से ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों में अखंड पाठ साहिब की शुरुआत होगी और 29 अगस्त को भोग के बाद विशेष अरदास की जाएगी। इस दौरान बंदी सिंहों की रिहाई और भाई जगतार सिंह हवारा की पैरोल की मांग प्रमुख रूप से रखी जाएगी।

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