पंजाब

फरीदकोट में संधवां को झेलनी पड़ी नाराजगी, बेअदबी मामले पर घिरी सरकार

Kiran
15 Oct 2026 11:01 AM IST
फरीदकोट में संधवां को झेलनी पड़ी नाराजगी, बेअदबी मामले पर घिरी सरकार
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बुधवार को कोटपुरा के मुख्य चौक पर आयोजित 'लहनत दिवस' (निंदा दिवस) के दौरान, विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को एक असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। उनके साथ मंच साझा कर रहे सिख संगठनों ने राज्य सरकार और उसके विधायकों (जिनमें संधवां भी शामिल थे) की कड़ी आलोचना की।
यह कार्यक्रम 2015 में कोटपुरा और बहबल कलां में हुई पुलिस फायरिंग की घटनाओं की 11वीं बरसी पर आयोजित किया गया था, जो धार्मिक ग्रंथों के अपमान (बेअदबी) की घटनाओं के बाद हुई थीं। कई वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अब तक की सरकारों ने इन मामलों में न्याय दिलाने में विफलता दिखाई है। इस दौरान संधवां मंच पर बैठे रहे और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए आलोचना सुनते रहे।
दरबार-ए-खालसा के प्रमुख हरजिंदर सिंह माझी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नाम 10 पन्नों का एक 'शर्म पत्र' पढ़कर सुनाया और इसकी एक प्रति संधवां को सौंपते हुए उनसे इसे सरकार तक पहुंचाने को कहा। माझी ने बताया कि इस पत्र के जरिए सरकार को पिछले साढ़े चार वर्षों में इस मुद्दे पर उसके कामकाज की याद दिलाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'आप' (AAP) न्याय दिलाने के वादों के दम पर सत्ता में आई थी, लेकिन अब उसका कार्यकाल खत्म होने वाला है और कोई संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है।
इस आलोचना का जवाब देते हुए संधवां ने कहा कि सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय की भावनाओं के अनुरूप कदम उठाए जा रहे हैं।
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