पंजाब

टाटा नेक्सन में बार-बार आई खराबी, महिला के पक्ष में आया उपभोक्ता फोरम का बड़ा फैसला

nidhi
22 July 2026 7:47 AM IST
टाटा नेक्सन में बार-बार आई खराबी, महिला के पक्ष में आया उपभोक्ता फोरम का बड़ा फैसला
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महिला के पक्ष में आया उपभोक्ता फोरम का बड़ा फैसला

PUNJAB: नई टाटा नेक्सन खरीदने के बाद लगातार तकनीकी खामियों से परेशान एक महिला उपभोक्ता को बड़ी राहत मिली है। मोहाली जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (कंज्यूमर फोरम) ने मामले की सुनवाई के बाद महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 50,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि मामले में उपभोक्ता को अनावश्यक मानसिक परेशानी और असुविधा का सामना करना पड़ा।

मामले के अनुसार, महिला ने नई टाटा नेक्सन खरीदने के कुछ समय बाद ही वाहन में कई तकनीकी समस्याओं की शिकायत की थी। आरोप है कि बार-बार सर्विस सेंटर ले जाने के बावजूद वाहन की खामियां पूरी तरह दूर नहीं हो सकीं, जिससे उसे लगातार परेशानी उठानी पड़ी। इसके बाद महिला ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया। आयोग ने पाया कि शिकायतकर्ता को वाहन से जुड़ी समस्याओं के कारण असुविधा और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। इसी आधार पर आयोग ने 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश सुनाया। साथ ही, आदेश में अन्य वैधानिक निर्देश भी शामिल किए गए हैं।
यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी उत्पाद या सेवा में लगातार खामियां आती हैं और शिकायतों के बावजूद उचित समाधान नहीं मिलता, तो उपभोक्ता उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग कर सकते हैं।
भारत में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 उपभोक्ताओं को दोषपूर्ण उत्पाद, सेवा में कमी, अनुचित व्यापार व्यवहार और भ्रामक दावों के खिलाफ कानूनी संरक्षण प्रदान करता है। ऐसे मामलों में संबंधित आयोग उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर मुआवजा या अन्य राहत देने का आदेश दे सकता है।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी यह फैसला ग्राहकों और वाहन निर्माताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। वाहन निर्माता और अधिकृत डीलरशिप से अपेक्षा की जाती है कि वे ग्राहकों की शिकायतों का समय पर और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें, ताकि उपभोक्ताओं का विश्वास बना रहे।
हालांकि, किसी भी उपभोक्ता विवाद में अंतिम निर्णय संबंधित मामले के तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है। यदि किसी पक्ष को आदेश पर आपत्ति हो, तो कानून के अनुसार उच्च मंच पर अपील का अधिकार भी उपलब्ध रहता है।

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