
पंजाब: कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की धीमी रफ्तार को लेकर केंद्र सरकार ने चिंता जताई है। भूमि अधिग्रहण, वन मंजूरी और प्रशासनिक स्वीकृतियों में देरी के कारण कई योजनाएं लंबे समय से प्रभावित हैं। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर इन मामलों में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने और लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कराने का आग्रह किया है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में कहा कि पंजाब की रेल परियोजनाएं केवल राज्य के विकास के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महत्व की भी हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से यात्री सुविधाओं में सुधार होगा, माल परिवहन को गति मिलेगी और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में हो रही देरी का सीधा असर राज्य के आर्थिक विकास पर पड़ रहा है।
रेल राज्य मंत्री की ओर से जिन प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख किया गया है, उनमें फिरोजपुर-पट्टी नई रेल लाइन, राजपुरा-मोहाली नई रेल लाइन, नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां नई रेल लाइन, रमन मंडी-सद्दा सिंहवाला नई रेल लाइन और विभिन्न स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) तथा लिमिटेड हाइट सबवे (एलएचएस) परियोजनाएं शामिल हैं।
फिरोजपुर-पट्टी नई रेल लाइन परियोजना में भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। इस परियोजना के लिए लगभग 165.69 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। वर्ष 2023 में भूमि अधिग्रहण से जुड़े अवार्ड जारी किए गए थे और रेलवे की ओर से करीब 194.11 करोड़ रुपये राज्य सरकार के पास जमा भी कराए जा चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक अधिग्रहित जमीन का कब्जा रेलवे को नहीं मिल पाया है, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
वहीं नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां रेल लाइन परियोजना वन भूमि से जुड़ी मंजूरियों के कारण अटकी हुई है। वन्यजीव शमन योजना पहले ही संबंधित विभाग को भेजी जा चुकी है, लेकिन अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। इसी तरह रमन मंडी-सद्दा सिंहवाला रेल लाइन के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है।
रेलवे ओवरब्रिज और लिमिटेड हाइट सबवे परियोजनाओं में भी कई तरह की प्रशासनिक अड़चनें सामने आ रही हैं। लुधियाना, फाजिल्का, संगरूर, होशियारपुर, मोहाली, बठिंडा और जालंधर सहित कई जिलों में भूमि अधिग्रहण, सड़क बंद करने की अनुमति, ट्रैफिक डायवर्जन योजना और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जैसी प्रक्रियाएं लंबित हैं। इन मंजूरियों के अभाव में निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है।
केंद्र सरकार का कहना है कि रेलवे परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से पंजाब में संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उद्योगों को भी फायदा पहुंचेगा। माल ढुलाई आसान होने से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
रेल राज्य मंत्री ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से आग्रह किया है कि वे संबंधित विभागों को निर्देश देकर लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय से इन परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जा सकता है।
केंद्र की ओर से उम्मीद जताई गई है कि पंजाब सरकार जल्द आवश्यक कदम उठाएगी और वर्षों से लंबित रेल योजनाओं को गति मिलेगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से पंजाब के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रेल नेटवर्क मजबूत होगा और राज्य के विकास को नई दिशा मिल सकेगी।





