
मोहाली। पंजाब के मोहाली जिले के सेक्टर-82 में मानवता और पशु सेवा की एक मिसाल देखने को मिली, जहां एक निर्माणाधीन भवन के गहरे वॉटर टैंक में गिरे नंदी को गौ ग्रास सेवा समिति की रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। नंदी रातभर टैंक में फंसा रहा और बाहर निकलने की कोशिश करता रहा, लेकिन टैंक की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद बाहर नहीं आ सका। सूचना मिलने के बाद समिति की टीम ने करीब चार घंटे तक अभियान चलाकर उसे बचाया।
जानकारी के अनुसार, गौ ग्रास सेवा समिति को सोमवार सुबह करीब 9 बजे अपनी टोल-फ्री हेल्पलाइन पर सूचना मिली कि सेक्टर-82 स्थित एक निर्माणाधीन इमारत के वॉटर टैंक में एक नंदी गिर गया है। बताया गया कि टैंक काफी गहरा था और नंदी उसमें फंसने के बाद बाहर निकलने में असमर्थ था। सूचना मिलते ही समिति की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया।
रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वॉटर टैंक गहरा होने के साथ-साथ निर्माणाधीन स्थल पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। टीम ने पूरी सावधानी के साथ नंदी को बाहर निकालने की योजना बनाई। किसी भी तरह की चोट से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरती गई। करीब चार घंटे तक चले इस अभियान में टीम ने लगातार प्रयास किया और आखिरकार नंदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
नंदी को बाहर निकालने के बाद टीम ने उसकी स्वास्थ्य जांच की और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। जांच में उसकी हालत सामान्य पाई गई। इसके बाद नंदी को सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि समय पर सूचना मिलने से नंदी की जान बचाई जा सकी।
गौ ग्रास सेवा समिति लंबे समय से बेसहारा और घायल गोवंश की सेवा में जुटी हुई है। समिति की ओर से लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी कोई गोवंश घायल अवस्था में, दुर्घटना का शिकार या किसी परेशानी में दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना समिति को दें। समिति की हेल्पलाइन पर सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराती है।
समिति ने बताया कि गंभीर रूप से घायल गोवंश के लिए एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम भी उपलब्ध कराई जाती है। जरूरत पड़ने पर घायल पशुओं को फेज-1 स्थित गौ अस्पताल एवं गौशाला में भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। संस्था का उद्देश्य बेसहारा गोवंश को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना और उन्हें बेहतर उपचार देना है।
स्थानीय लोगों ने भी गौ ग्रास सेवा समिति के इस प्रयास की सराहना की। लोगों का कहना है कि शहरों में निर्माण कार्यों के दौरान कई बार खुले गड्ढे और टैंक पशुओं के लिए खतरा बन जाते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहना चाहिए और यदि कोई पशु मुसीबत में दिखाई दे तो तुरंत संबंधित संस्था या प्रशासन को सूचना देनी चाहिए।
मोहाली में हुआ यह रेस्क्यू अभियान एक बार फिर साबित करता है कि इंसानियत और पशु प्रेम से किसी भी बेजुबान की जिंदगी बचाई जा सकती है। गौ ग्रास सेवा समिति की टीम ने धैर्य, मेहनत और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए नंदी को सुरक्षित बचाया, जिसके बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली।





