पंजाब

पंजाब में राहुल गांधी की एंट्री, भगवंत मान के इलाके में बड़ी रैली की तैयारी

Rajeshwari Nishad
26 Oct 2026 5:12 PM IST
पंजाब में राहुल गांधी की एंट्री, भगवंत मान के इलाके में बड़ी रैली की तैयारी
x
चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 4 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में कांग्रेस की बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। इस रैली का नाम 'हिसाब मांगो' रखा गया है। कांग्रेस इसे पंजाब में अपने चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देख रही है। पार्टी का लक्ष्य राज्य में संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और आम आदमी पार्टी की सरकार को कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या, रोजगार तथा किसानों के मुद्दों पर घेरना है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह ने राहुल गांधी के दौरे की पुष्टि की है। वहीं, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने भी चुनावी तैयारियों को लेकर पार्टी नेताओं के साथ बैठकें की हैं।
संगरूर से शुरू होगा कांग्रेस का चुनावी अभियान
पंजाब कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। 4 नवंबर को संगरूर में होने वाली राहुल गांधी की रैली इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह के अनुसार, राहुल गांधी का दौरा पार्टी के अभियान को नई दिशा देगा और नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में जुटने का संदेश देगा।कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की कोशिश करेगी।पार्टी ने अपने आगामी अभियान को 'मिशन 2027' के रूप में आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई है।
भगवंत मान के गृह क्षेत्र को चुनने के राजनीतिक मायने
संगरूर से चुनावी अभियान शुरू करने के फैसले को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है और मालवा क्षेत्र की राजनीति में इसकी अहम भूमिका है।
पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं, जिनमें से 69 सीटें मालवा क्षेत्र में आती हैं। इस वजह से प्रदेश की सत्ता हासिल करने के लिए मालवा में अच्छा प्रदर्शन करना राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने संगरूर जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। इनमें धूरी सीट भी शामिल थी, जहां से भगवंत मान ने जीत दर्ज की थी।
ऐसे में इसी क्षेत्र से कांग्रेस के चुनावी अभियान की शुरुआत को सत्तारूढ़ पार्टी को चुनौती देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।'हिसाब मांगो' रैली में उठेंगे कानून-व्यवस्था के मुद्देकांग्रेस की प्रस्तावित रैली में पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं। पार्टी नेता राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को चंडीगढ़ में कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति और नशे की समस्या गंभीर चिंता के विषय हैं। उन्होंने राज्य में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि कांग्रेस चुनाव में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
'हिसाब मांगो' रैली के जरिए कांग्रेस सरकार से उसके वादों, नीतियों और अब तक किए गए कामों का जवाब मांगने की कोशिश करेगी।हालांकि, रैली के लिए विस्तृत कार्यक्रम और राहुल गांधी के भाषण के सभी विषयों की आधिकारिक सूची अभी सामने नहीं आई है।
नशे की समस्या और युवाओं के रोजगार पर रहेगा जोर
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय रही है। कांग्रेस इसे आगामी चुनाव में प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी कर रही है।पार्टी नेताओं का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।इसके अलावा किसानों की समस्याएं और ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति भी चुनावी अभियान में महत्वपूर्ण विषय हो सकते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच पहुंचाकर स्थानीय समस्याओं को समझना तथा सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान को मजबूत करना है।
मालवा, माझा और दोआबा में जनसंपर्क अभियान की तैयारी
कांग्रेस पंजाब में केवल बड़ी रैलियों के सहारे चुनावी माहौल बनाने के बजाय क्षेत्रीय स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने की तैयारी भी कर रही है।पार्टी नेताओं के अनुसार, मालवा, माझा और दोआबा क्षेत्रों में साइकिल यात्राओं सहित अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।इन कार्यक्रमों के माध्यम से नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था, किसानों की परेशानियों और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को जनता के बीच उठाया जा सकता है।पार्टी का जोर बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और स्थानीय नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी रहेगा।हालांकि, इन प्रस्तावित यात्राओं की अंतिम तारीखों और कार्यक्रमों की पूरी जानकारी अभी घोषित नहीं की गई है।
कांग्रेस नेतृत्व ने शुरू की चुनावी रणनीति पर चर्चा
राहुल गांधी के दौरे की तैयारियों के बीच कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल चंडीगढ़ पहुंचे। उनके साथ पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेता भी चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा कर रहे हैं।बैठकों में प्रदेश संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर विचार किया जा रहा है।
पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी तैयारियों की समीक्षा में शामिल हैं।पार्टी नेतृत्व का प्रयास है कि चुनाव से पहले संगठन को एकजुट रखा जाए और स्थानीय स्तर पर उठने वाले मुद्दों को राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा बनाया जाए।
2027 के चुनाव में कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण होंगे। पार्टी को राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार को चुनौती देने के साथ अपने संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच भरोसा बढ़ाने की जरूरत होगी।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी भी अपनी सरकार के कामकाज और उपलब्धियों के आधार पर जनता के सामने जाएगी।ऐसे राजनीतिक माहौल में राहुल गांधी की संगरूर रैली कांग्रेस के लिए चुनावी संदेश देने का बड़ा अवसर होगी।अब नजर इस बात पर रहेगी कि रैली में कांग्रेस किन मुद्दों को सबसे अधिक प्राथमिकता देती है और पार्टी अपने अभियान को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक किस तरह आगे बढ़ाती है।
Next Story