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धर्मशाला। प्रदेश के छह जिलों के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने वाले डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज टांडा में चिकित्सा सुविधाओं और शैक्षणिक ढांचे के विस्तार के लिए अब अतिरिक्त भूमि की जरूरत महसूस की जा रही है। संस्थान को एम्स की तर्ज पर विकसित करने की योजना के बीच विद्यार्थियों और स्वास्थ्य कर्मियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर 78 कनाल भूमि उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया चल रही है। इस भूमि पर दो बड़े छात्रावास बनाने की योजना है, जबकि स्नातकोत्तर पीजी की 57 सीटें बढऩे, रेडियोलॉजी और नर्सिंग सहित अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों के विस्तार के लिए भी पर्याप्त आधारभूत ढांचा जरूरी बताया जा रहा है। कालेज प्रशासन और जिला प्रशासन ने संस्थान के समीप 78 कनाल उपयुक्त भूमि का चयन कर लिया है।
अब भूमि अधिग्रहण, संशोधित बजट और प्रशासनिक स्वीकृति से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। इस संबंध में प्रदेश सरकार से भूमि उपलब्ध करवाने और आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान करने की मांग रखी गई है। जमीन मिलने से नए छात्रावासों के निर्माण का रास्ता खुलेगा और विद्यार्थियों व कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। टांडा मेडिकल कालेज में चिकित्सा शिक्षा और उपचार सुविधाओं को मजबूत करने के लिए करीब 1500 से 1800 करोड़ रुपए का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है, जिस पर सहमति का इंतजार है। टांडा मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. मिलाप शर्मा ने बताया कि संस्थान में आधारभूत ढांचे के विस्तार के लिए प्रक्रिया चल रही है, और सरकार से भूमि उपलब्ध करवाने की मांग रखी गई है। टांडा में मरीजों की बढ़ती संख्या और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को देखते हुए अतिरिक्त सुविधाएं समय की जरूरत हैं।
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