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PGI सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, युवक को थप्पड़ मारने का आरोप

Saba Naaz
28 July 2026 2:34 PM IST
PGI सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, युवक को थप्पड़ मारने का आरोप
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चंडीगढ़। पीजीआई चंडीगढ़ की इमरजेंसी में सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि इमरजेंसी वार्ड में अपनी मां से मिलने जा रहे एक युवक के साथ सुरक्षा कर्मियों ने कथित तौर पर अभद्रता की। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने युवक को थप्पड़ मारा और उसे धमकाया। इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के परिजनों के साथ कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

वायरल पोस्ट के अनुसार, युवक अपनी मां से मिलने के लिए पीजीआई की इमरजेंसी की ओर जा रहा था। इसी दौरान वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और सुरक्षा गार्ड ने युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की। पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि युवक को थप्पड़ मारा गया और उसके साथ गलत व्यवहार किया गया।

घटना के दौरान मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने पूरे मामले को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। वायरल जानकारी के मुताबिक, जब सुरक्षा कर्मियों को वीडियो रिकॉर्ड किए जाने की जानकारी हुई तो उन्होंने कथित तौर पर उस व्यक्ति का मोबाइल फोन छीन लिया और वीडियो डिलीट करवा दिया। इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है।

वायरल पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ सुरक्षा कर्मियों का व्यवहार कई बार सख्त और आक्रामक हो जाता है। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच या आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

पीजीआई चंडीगढ़ देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए पहुंचते हैं। इमरजेंसी विभाग में मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था काफी महत्वपूर्ण होती है। अस्पताल प्रशासन द्वारा भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाती है।

हालांकि, मरीजों और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना भी उतना ही जरूरी है। अस्पतालों में आने वाले लोग अक्सर परेशान और तनावपूर्ण स्थिति में होते हैं, ऐसे में सुरक्षा कर्मियों की भूमिका केवल व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि उन्हें संवेदनशीलता के साथ लोगों से पेश आना भी जरूरी होता है।

इस मामले के सामने आने के बाद अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के अधिकारों को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। वहीं, अस्पताल प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।

इस तरह की घटनाएं अस्पतालों की छवि को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि सुरक्षा कर्मियों को समय-समय पर व्यवहार और संवाद कौशल से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों के साथ बेहतर तरीके से बातचीत की जा सके।

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के आधार पर यह मामला चर्चा में है। वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, अगर कोई गलतफहमी हुई है तो उसकी भी जानकारी सामने आनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सके।

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