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पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने से PhD स्कॉलर की मौत, छात्रों का फूटा गुस्सा

Kavita2
28 July 2026 1:46 PM IST
पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने से PhD स्कॉलर की मौत, छात्रों का फूटा गुस्सा
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चंडीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी में एक पीएचडी स्कॉलर की करंट लगने से हुई मौत के बाद मंगलवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने विद्युत शाखा के एक्सईएन कार्यालय के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन पर विद्युत व्यवस्था में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

छात्रों का कहना है कि परिसर में बिजली से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

बताया जा रहा है कि पीएचडी स्कॉलर की मौत करंट लगने के कारण हुई। घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय परिसर में शोक का माहौल बन गया। साथी शोधार्थियों और छात्रों ने घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन से जवाब मांगा।

मंगलवार को छात्र विद्युत शाखा के एक्सईएन कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए बिजली व्यवस्था की खामियों को दूर करने की मांग की। उनका आरोप था कि परिसर में विद्युत उपकरणों और तारों की नियमित जांच और रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है।

छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे बड़े शैक्षणिक परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यहां हजारों छात्र, शोधार्थी, शिक्षक और कर्मचारी रोजाना काम करते हैं। ऐसे में बिजली से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की कि परिसर में लगे सभी विद्युत उपकरणों, तारों और अन्य व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण कराया जाए। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।

छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होने से जोखिम बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से शिकायतों के निपटारे के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की।

घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि किसी भी हादसे के बाद केवल आश्वासन देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए स्थायी कदम उठाने चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मृतक शोधार्थी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरे विश्वविद्यालय समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की उम्मीद है। प्रशासन घटना के कारणों की जांच कर सकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर सकता है।

छात्र संगठनों का कहना है कि परिसर में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार निगरानी की जरूरत है। उनका मानना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।

विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े संस्थानों में विद्युत सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण, पुराने उपकरणों का समय पर बदलाव और आपातकालीन व्यवस्था जरूरी होती है। लापरवाही की स्थिति में गंभीर हादसे हो सकते हैं।

पंजाब यूनिवर्सिटी की इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस शुरू कर दी है। छात्रों की मांग है कि घटना की जांच के साथ-साथ ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भविष्य में किसी और की जान खतरे में न पड़े।

फिलहाल छात्रों का प्रदर्शन विद्युत व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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