पंजाब

नीति आयोग की रिपोर्ट, Punjab का स्कूल शिक्षा प्रदर्शन बेहतर

Payal
11 May 2026 1:20 PM IST
नीति आयोग की रिपोर्ट, Punjab का स्कूल शिक्षा प्रदर्शन बेहतर
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Punjab.पंजाब: नीति आयोग द्वारा जारी ताजा स्कूल शिक्षा रैंकिंग में पंजाब ने अपनी शानदार प्रगति के चलते केरल को पीछे छोड़ दिया है। इस रैंकिंग में पंजाब ने न केवल बुनियादी शिक्षा के मानकों में सुधार दिखाया, बल्कि बच्चों के सीखने और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी उच्च प्रदर्शन किया।
नीति आयोग की ‘स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट’ के अनुसार, पंजाब ने कुल 100 में से 85 अंक हासिल किए, जबकि केरल को 82 अंक मिले। रिपोर्ट में पढ़ाई के स्तर, छात्र-सामग्री अनुपात, शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल सुविधाओं और डिजिटल शिक्षा की उपलब्धता जैसे कई पैमानों पर राज्यों का मूल्यांकन किया गया।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब की यह उपलब्धि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि “पंजाब ने स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया, शिक्षकों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए विशेष कार्यक्रम लागू किए। यही वजह है कि यह सफलता मिली है।”
पंजाब के शिक्षा मंत्री ने कहा, “यह उपलब्धि हमारे शिक्षकों, अधिकारियों और सभी स्टेकहोल्डर्स के समर्पण का नतीजा है। हम निरंतर प्रयास करेंगे कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा मिले। हमारी प्राथमिकता हमेशा बच्चों के सर्वांगीण विकास की रही है।”
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंजाब ने स्कूल में खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और जीवन कौशल शिक्षा को भी महत्व दिया। बच्चों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण बनाने में भी राज्य ने कई कदम उठाए हैं।
केरल, जो लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में देश में अग्रणी माना जाता रहा है, इस बार पंजाब से पीछे रह गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकेत देता है कि अन्य राज्य भी शिक्षा में सुधार कर सकते हैं और पुरानी परंपराओं पर निर्भर नहीं रह सकते।
नीति आयोग की रिपोर्ट का उद्देश्य राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और शिक्षा में गुणवत्ता सुधार को प्रोत्साहित करना है। इसमें न केवल अकादमिक उपलब्धियों को देखा गया, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक दक्षता को भी मापा गया।
पंजाब की यह सफलता राज्य के लिए गर्व का विषय है। सरकार ने कहा कि आने वाले वर्षों में और अधिक पहल की जाएंगी, ताकि पंजाब न केवल स्कूल शिक्षा में बल्कि उच्च शिक्षा और कौशल विकास में भी देश में अग्रणी बने।
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