पंजाब
Punjabi writer Randhawa को जनवादी लेखक संघ की नई जिम्मेदारी
Ratna Netam
20 April 2026 12:14 PM IST

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Punjab.पंजाब: पंजाब के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार और साहित्यकार वज़ीर सिंह रंधावा को हाल ही में अमृतसर में आयोजित बैठक में जनवादी लेखक संघ का प्रधान चुना गया। इस अवसर पर साहित्य जगत के कई गणमान्य लेखक और लेखक संघ के सदस्य मौजूद थे। रंधावा की अध्यक्षता में संघ के अगले कार्यकाल की योजनाओं और साहित्यिक गतिविधियों को नई दिशा देने की उम्मीद जताई जा रही है।
वज़ीर सिंह रंधावा ने साहित्य के क्षेत्र में अपनी गहरी पकड़ और सामाजिक मुद्दों पर संवेदनशील लेखन के लिए पूरे पंजाब में प्रसिद्धि प्राप्त की है। उनके उपन्यास और निबंध समाज की सच्चाईयों को उजागर करते हैं और पाठकों को सोचने पर मजबूर करते हैं। साहित्यिक आलोचकों का मानना है कि रंधावा का नेतृत्व जनवादी लेखक संघ को और भी प्रभावशाली बनाने में मदद करेगा।
इस मौके पर वज़ीर सिंह रंधावा ने कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य साहित्य को जनमानस तक पहुँचाना और सामाजिक जागरूकता बढ़ाना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि संघ के सदस्य नई रचनाओं और साहित्यिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं, में साहित्यिक रुचि बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
रंधावा ने अपने भाषण में यह भी कहा कि साहित्य सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज के समृद्ध और समतामूलक विकास का जरिया भी है। उन्होंने सभी साहित्यकारों से आह्वान किया कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहयोग करें।
जनवादी लेखक संघ के अन्य वरिष्ठ सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे और उन्होंने रंधावा की अध्यक्षता में संघ के भविष्य के कार्यक्रमों के बारे में अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि रंधावा की नेतृत्व क्षमता और साहित्यिक अनुभव संघ को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने संघ की नई नीतियों और योजनाओं को लागू करने में पूरी मेहनत और समर्पण का आश्वासन दिया।
साहित्य जगत में रंधावा की नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह है। अमृतसर के विभिन्न साहित्यिक मंचों पर लोग इस चुनाव को साहित्यिक उपलब्धि और संघ के लिए सकारात्मक कदम के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रंधावा की अध्यक्षता में जनवादी लेखक संघ समाज और साहित्य के बीच पुल का काम करेगा।
अंत में, वज़ीर सिंह रंधावा ने कहा कि उनके लिए यह जिम्मेदारी एक सम्मान के साथ-साथ चुनौती भी है। उन्होंने यह भी वादा किया कि वे सभी साहित्यकारों और संघ के सदस्यों के सहयोग से साहित्यिक गतिविधियों को नई दिशा देंगे और समाज में साहित्य के महत्व को बढ़ाएंगे।
इस प्रकार, पंजाब के साहित्यिक परिदृश्य में वज़ीर सिंह रंधावा की यह नई जिम्मेदारी एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम है, और साहित्य प्रेमियों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संघ और भी प्रभावशाली और सक्रिय बनेगा।
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