Kapurthala में गेहूं खरीदी व्यवस्था पर डीसी ने की विस्तृत समीक्षा

Jalandhar.जालंधर: जिले के जिलाधिकारी (डीसी) ने हाल ही में गेहूं खरीदी व्यवस्था की समीक्षा की और सुनिश्चित किया कि किसानों को उनकी फसल के लिए उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिले। डीसी ने खरीफ फसल के गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरी हों।
डीसी ने गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों से मिली प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत का पूरा मूल्य उन्हें सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अलावा, डीसी ने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत को तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।
इस दौरान डीसी ने अधिकारियों से कहा कि गेहूं खरीद प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और सभी केंद्र समय पर खुलें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि डिजिटल पंजीकरण और भुगतान प्रणाली का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए ताकि हर किसान को उनकी फसल का भुगतान तुरंत मिल सके।
डीसी ने अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा और संतोष सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे निरीक्षण और समीक्षा से खरीफ फसल के दौरान किसानों को उनके अधिकार और लाभ सुनिश्चित होते हैं। यह पहल किसानों में आत्मविश्वास बढ़ाने और गेहूं खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में मदद करती है।
डीसी ने अधिकारियों को कहा कि किसानों को सही जानकारी उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की बात कही कि किसानों को उनकी फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के बारे में समय पर सूचित किया जाए।
जिले में इस समीक्षा के दौरान खरीदी केंद्रों के संचालन, स्टॉक प्रबंधन और भुगतान प्रक्रियाओं का विस्तृत अध्ययन किया गया। डीसी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक केंद्र का कामकाज नियमित रूप से मॉनिटर किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की अड़चन या गड़बड़ी को रोका जा सके।
अंततः, कपूरथला के डीसी की यह समीक्षा गेहूं खरीदी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का प्रयास है। इससे किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिलेगा और जिला प्रशासन की कार्यकुशलता में सुधार होगा। यह पहल किसानों के विश्वास को बढ़ाने और जिले में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





