पंजाब

Punjab विजिलेंस ने संदोआ को बुलाया, वन भूमि घोटाले की जांच तेज

Ratna Netam
8 May 2026 12:23 PM IST
Punjab विजिलेंस ने संदोआ को बुलाया, वन भूमि घोटाले की जांच तेज
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Punjab.पंजाब: पंजाब में वन भूमि घोटाले की जांच के तहत विजिलेंस ने पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक संदोआ को तलब किया है। यह कदम राज्य में वन भूमि से संबंधित भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन की जांच को तेज करने के प्रयास के रूप में लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस अधिकारियों ने संदोआ को मामले से जुड़े दस्तावेजों और जानकारी के लिए पूछताछ के लिए बुलाया है। यह कार्रवाई पिछले कुछ महीनों से चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें वन भूमि के गैरकानूनी अधिग्रहण और गुप्त सौदों का खुलासा किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तलब करने का उद्देश्य मामले के सभी पहलुओं का पता लगाना और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब में वन भूमि घोटाले लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं, क्योंकि राज्य में प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। संदोआ पर आरोप हैं कि उन्होंने अपनी सत्ताकालीन और राजनीतिक पहुंच का उपयोग करके वन भूमि से जुड़े सौदों में अनियमितताएं कीं।
पूर्व विधायक संदोआ ने फिलहाल मामले पर कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल संदोआ तक सीमित नहीं रहेगी और विजिलेंस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसमें अन्य राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियों के शामिल होने की संभावना भी है।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जिनकी समीक्षा के बाद जांच आगे बढ़ाई जाएगी। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि संदोआ से पूछताछ का उद्देश्य उन सौदों, अनुबंधों और वित्तीय लेन-देन का खुलासा करना है, जो कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से संपन्न किए गए।
सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनता ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ऐसे भ्रष्टाचार के मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में इस तरह के घोटाले रोकने में मदद मिले।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस मामले की जांच राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए चेतावनी का संदेश है। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में सभी को समान रूप से जांच का सामना करना होगा, चाहे वे पूर्व विधायक हों या वर्तमान पदाधिकारी।
विजिलेंस ने यह स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और कानूनी दायरों में की जाएगी। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि संदोआ से पूछताछ के बाद आवश्यकतानुसार और अधिकारियों या संबंधित व्यक्तियों को भी तलब किया जा सकता है।
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