
Punjab पंजाब: वरिष्ठ अकाली नेता सुखदेव सिंह ढींडसा का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव उभावाल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान राजनीतिक नेताओं सहित बड़ी संख्या में शोकसभा में लोग मौजूद थे। उनके बेटे और पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने उन्हें मुखाग्नि दी। इसके अलावा सुखदेव ढींडसा की पत्नी हरजीत कौर, दो बेटियां, पुत्रवधू गगनदीप कौर और पोते-पोतियां भी मौजूद थे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से डिप्टी कमिश्नर संदीप ऋषि ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, सांसद मलविंदर कंग, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अभय चौटाला, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए। पंजाब ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रह्म मोहिंद्रा और महासचिव राजा केएस सिद्धू के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने ढींडसा को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने 1978 से 2019 तक 41 वर्षों तक एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
उन्होंने खेल प्रशासन में अपने लंबे और प्रतिष्ठित करियर के दौरान साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष का पद भी संभाला। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, शिअद प्रवक्ता अर्शदीप कलेर, शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा, संगरूर के सांसद मीत हेयर, अकाली दल सुधार लहर के नेता मनप्रीत अयाली, सुरजीत सिंह रखड़ा, गोबिंद सिंह लोंगोवाल, प्रेम सिंह चंदूमाजरा और इकबाल सिंह झूंदा मौजूद थे।
संगरूर के उभावाल में 1936 में जन्मे ढींडसा ने लंबी बीमारी के बाद बुधवार शाम मोहाली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। ढींडा 1998 से 2004 तक और 2010 से 2022 तक राज्यसभा सांसद रहे। वह 2004 में संगरूर से शिरोमणि अकाली दल के लोकसभा सांसद बने। वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय खेल, रसायन और उर्वरक मंत्री थे।





