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Punjab पंजाब: बुड्ढा नाले के प्रदूषण के लिए भले ही डेयरियों और रंगाई उद्योगों को मुख्य दोषी माना जाता हो, लेकिन बुड्ढा नाले में प्रदूषण फैलाने के लिए ग्लाडा भी जिम्मेदार है। इसका खुलासा संत सीचेवाल द्वारा बुड्ढा नाले को प्रदूषण मुक्त करने के लिए शुरू की गई कार सेवा के दौरान हुआ। इस दौरान सामने आया कि ग्लाडा द्वारा ताजपुर रोड पर स्टॉर्म सीवरेज के नाम पर बिछाई गई लाइन की आड़ में आसपास के इलाकों का घरेलू कचरा सीधा बुड्ढा नाले में गिर रहा है। इसकी जानकारी मिलने पर संत सीचेवाल ने पहले स्थानीय अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन जब उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो स्थानीय निकाय मंत्री रवजोत सिंह और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के समक्ष मुद्दा उठाया गया।
इसके बाद अब ग्लाडा ने एक लाइन की मरम्मत कर दी है और दूसरी लाइन को नगर निगम से जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे ताजपुर रोड और चंडीगढ़ रोड से सटे ग्लाडा इलाके का सीवरेज का पानी सीधे बुड्ढा नाले में गिरने की बजाय एसटीपी के जरिए आएगा। नगर निगम के चीफ इंजीनियर रविंद्र गर्ग ने इसकी पुष्टि की है। पीपीसीबी से कार्रवाई का इंतजार
बुड्ढा नाला में रासायनिक पानी के साथ सीवेज का सीधा प्रवाह रोकने की जिम्मेदारी पीपीसीबी की है, लेकिन लंबे समय से पीपीसीबी के अधिकारियों ने ग्लाडा के कारण बुड्ढा नाला में फैल रहे प्रदूषण पर ध्यान नहीं दिया। अब ग्लाडा क्षेत्र का घरेलू कचरा सीधे ताजपुर रोड पर बुड्ढा नाला में डालने का मामला सामने आने के बाद भी कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।
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