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Punjab पंजाब सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की। इसमें पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें राज्य में ट्रांसफर, पोस्टिंग, सरकारी नीतियों और टेंडर से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच का निर्देश दिया गया था।
सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को कहा था कि पिछली सरकार ने नवंबर 2020 में एक आदेश जारी करके पंजाब में जांच के लिए दी गई आम सहमति (general consent) वापस ले ली थी। उन्होंने कहा कि इसलिए, CBI के पास इस मामले की जांच करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है।
सोमवार को, चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने CBI को पंजाब सरकार के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया। हाई कोर्ट ने CBI को आपराधिक मामला दर्ज करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। यह आदेश एक PIL के बाद आया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित भ्रष्टाचार के संबंध में पंजाब पुलिस के साथ जानकारी साझा की थी, लेकिन कोई FIR दर्ज नहीं की गई।
हाई कोर्ट ने कहा कि उसके सामने पेश की गई जानकारी से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की ज़रूरत का पता चलता है और उसने CBI को मामले की जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया।
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