पंजाब

Punjab: अटारी-वाघा बॉर्डर पर ड्रिल का बदला हुआ टाइम टेबल

Payal
1 May 2026 2:04 PM IST
Punjab: अटारी-वाघा बॉर्डर पर ड्रिल का बदला हुआ टाइम टेबल
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Punjab.पंजाब: भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अटारी-वाघा बॉर्डर पर आयोजित होने वाली प्रसिद्ध बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पर्यटकों की सुविधा और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नया शेड्यूल जारी किया है। सूत्रों के अनुसार, गर्मी के मौसम और दिन के समय में बदलाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि नई समय-सारणी का उद्देश्य कार्यक्रम को अधिक सुचारू और दर्शकों के लिए सुविधाजनक बनाना है। अब तक यह समारोह शाम के एक निश्चित समय पर आयोजित होता था, लेकिन नए शेड्यूल के अनुसार समय में मामूली बदलाव किया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि यह परिवर्तन केवल समय प्रबंधन के लिए है, जबकि कार्यक्रम की गरिमा और पारंपरिक स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “बीटिंग रिट्रीट हमारी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समय में बदलाव केवल मौसम और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किया गया है।” इस बदलाव की जानकारी मिलते ही पर्यटकों और ट्रैवल एजेंसियों को भी सूचित कर दिया गया है, ताकि वे अपने कार्यक्रम को नए समय के अनुसार समायोजित कर सकें। अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले पर्यटक बड़ी संख्या में इस समारोह को देखने पहुंचते हैं, इसलिए समय परिवर्तन का असर पर्यटन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
स्थानीय पर्यटन विभाग ने कहा कि नए समय के अनुसार व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई हैं और पर्यटकों की सुविधा के लिए अतिरिक्त गाइड और सूचना केंद्र भी सक्रिय कर दिए गए हैं। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा प्रतिदिन सीमा पर की जाने वाली एक औपचारिक ड्रिल है, जो अनुशासन, समन्वय और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक मानी जाती है। यह कार्यक्रम हर दिन बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। पर्यटकों का कहना है कि यह अनुभव बेहद रोमांचक और देशभक्ति से भरपूर होता है। एक पर्यटक ने कहा, “यह दृश्य हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण होता है। समय में बदलाव से कोई फर्क नहीं पड़ता, हम इसे देखने जरूर आएंगे।” विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के समय परिवर्तन से भीड़ प्रबंधन में सुधार होगा और पर्यटकों को अधिक आरामदायक अनुभव मिलेगा।
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