पंजाब

Muktsar रिहैब सेंटर मामला, प्रशासन की ढीली कार्रवाई पर सवाल

Ratna Netam
1 May 2026 1:36 PM IST
Muktsar रिहैब सेंटर मामला, प्रशासन की ढीली कार्रवाई पर सवाल
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Punjab.पंजाब: मुक्तसर जिले में अवैध रूप से चल रहे एक रिहैबिलिटेशन सेंटर के भंडाफोड़ के एक महीने बाद भी पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस देरी को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
यह मामला तब सामने आया था जब प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एक कथित अवैध रिहैब सेंटर का खुलासा किया था। शुरुआती जांच में कई अनियमितताएं सामने आई थीं, जिनमें बिना लाइसेंस संचालन, मरीजों के साथ कथित दुर्व्यवहार और नियमों का उल्लंघन शामिल बताया गया था।
छापेमारी के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी, लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इस देरी ने जांच प्रक्रिया और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती, तो इस तरह के मामलों पर रोक लग सकती थी। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “यह बेहद गंभीर मामला है। रिहैब सेंटर जैसे संवेदनशील स्थान पर अगर नियमों का उल्लंघन हो रहा था, तो तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए थी। देरी से न्याय पर सवाल उठ रहे हैं।”
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी संबंधित दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुछ तकनीकी और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण गिरफ्तारी में समय लग रहा है, लेकिन दोषियों को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, रिहैब सेंटर के संचालन से जुड़े कुछ लोगों की पहचान कर ली गई है, लेकिन अभी तक ठोस सबूत जुटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां सेंटर में भर्ती मरीजों और कर्मचारियों के बयान दर्ज कर रही हैं ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रिहैबिलिटेशन सेंटर में रहने वाले लोग पहले से ही संवेदनशील स्थिति में होते हैं, ऐसे में नियमों का उल्लंघन उनके जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में तेज और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है। देरी न केवल पीड़ितों को न्याय मिलने में बाधा डालती है, बल्कि अवैध गतिविधियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दे सकती है।
स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी ईमानदारी और सख्ती के साथ की जा रही है और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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