
x
Punjab: भारतमाला-परियोजना’ के अंतर्गत तरनतारन क्षेत्र से निर्माणाधीन रुकने के कारण जहां पर व्यापारी और कारोबारी बुरी तरह से प्रभावित होंगे वहीं पर इसके अन्य साइड इफैक्ट्स भी हैं, जिनसे भारतीय सुरक्षा सेनाओं के जम्मू-कश्मीर आने-जाने वाले वाहनों को भी मिलने वाला लाभ प्रभावित होगा। इस संबंध में प्रदेश की बड़ी कारोबारी संस्था पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्यारे लाल सेठ व महासचिव समीर जैन ने ‘भारतमाला परियोजना’ के अंतर्गत तरनतारन में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग को अधूरा छोड़ने के निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मंडल के महासचिव जैन ने इसे व्यापारियों और कारोबारियों के लिए करारा झटका करार देते हुए कहा है कि यह प्रदेश के हितों के खिलाफ है, क्योंकि वास्तव में यह प्रोजैक्ट अमृतसर कटरा/एक्सप्रैस-वे से जुड़ा हुआ है। इससे जहां सामान्य लोगों को लाभ होना था, वहीं सेना के जम्मू-कश्मीर जाने वाले वाहनों को भी लाभ मिलना था, जो अब नहीं मिल पाएगा। यह परियोजना सेगल कंपनी द्वारा कार्यान्वित की जा रही थी, और अमृतसर के धूंदा से मानांवाला तक बाईपास बनना था। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा यह तर्क दिया गया कि परियोजना हेतु आवश्यक भूमि समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा सकी, जिसके कारण इसे रद्द कर दिया गया है। व्यापार मंडल ने कहा कि इसके साइड इफैक्ट्स गंभीर हैं और इस पर चिंतन करना होगा। मंडल प्रधान सेठ ने दुख: प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने इस परियोजना के लिए अंत तक प्रयास किए थे जो मिट्टी में मिल गए।
भारतमाला-परियोजना के रुकने से आएंगी कमियां व मुश्किलें
∆ 1071 करोड़ की लागत से बनने वाला यह राजमार्ग अमृतसर को एक महत्वपूर्ण बाईपास के माध्यम से जोड़ने वाला था, जिससे अमृतसर की कनैक्टिविटी बाधित होगी।
∆ अमृतसर व्यापार और उद्योग का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और परियोजना सिरे न चढ़ने के कारण इससे माल परिवहन धीमा होगा, जिससे व्यापारियों एवं उद्योगपतियों को भारी नुक्सान उठाना पड़ेगा।
∆ परियोजना से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष/परोक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना थी, लेकिन अब यह अवसर समाप्त हो गया है।
∆ यदि राजमार्ग पूरा होता तो व्यापार एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलता, जिससे राज्य व केंद्र सरकारों को कर के रूप में बड़ा राजस्व भी प्राप्त होता।
समूह व्यापारियों की केंद्र/प्रदेश सरकारों से अपील
व्यापार मंडल के समूह व्यापारियों व पदाधिकारियों ने कहा कि हम राज्य एवं केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और परियोजना को पुनः शुरू किया जाए। पंजाब के व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए यह राजमार्ग अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। मंडल प्रधान सेठ व महामंत्री जैन ने चेतावनी दी कि यदि इस परियोजना को बहाल नहीं किया गया, तो पंजाब के व्यापारियों और उद्यमियों के लिए यह एक बड़ा झटका साबित होगा जिसकी क्षतिपूर्ति भी असंभव है ।
TagsPunjabभारतमालापरियोजना रद्दकारोबारियोंझटकाPunjabBharatmalaproject cancelledbusinessmenblowजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





