पंजाब

Pingalwara का गौरव, जूडो खिलाड़ी ने एशिया पैसिफिक चैंपियनशिप में पदक जीता

Ratna Netam
26 April 2026 1:13 PM IST
Pingalwara का गौरव, जूडो खिलाड़ी ने एशिया पैसिफिक चैंपियनशिप में पदक जीता
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Punjab.पंजाब: पिंगलवाड़ा के सुनने में अक्षम जूडो खिलाड़ी ने हाल ही में आयोजित एशिया पैसिफिक जूडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर पूरे राज्य और देश का गौरव बढ़ाया। यह उपलब्धि न केवल खेल जगत में बल्कि समाज में भी प्रेरणा का स्रोत बनी है, खासकर उन लोगों के लिए जो किसी शारीरिक चुनौती का सामना कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह खिलाड़ी लंबे समय से जूडो में प्रशिक्षण ले रहा था और अपने संघर्ष और समर्पण के लिए जाना जाता है। एशिया पैसिफिक चैंपियनशिप में उनके प्रदर्शन ने साबित किया कि कठिनाइयाँ कभी भी प्रतिभा और मेहनत के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं। प्रतियोगिता में उन्होंने कई मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को मात दी और कांस्य पदक हासिल किया।
खिलाड़ी के कोच ने बताया कि यह उपलब्धि उनके निरंतर प्रशिक्षण, अनुशासन और मानसिक दृढ़ता का परिणाम है। कोच ने कहा कि सुनने में अक्षम होने के बावजूद, खिलाड़ी ने सभी तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने प्रशिक्षण के दौरान अपनी कठिनाइयों का सामना किया और जीत के लिए पूरी मेहनत की।
पिंगलवाड़ा के स्थानीय अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने जूडो खिलाड़ी की इस उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह पदक केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है बल्कि जिले और राज्य के लिए भी गर्व का कारण है। स्थानीय युवा खिलाड़ियों ने भी इस उपलब्धि को प्रेरणा के रूप में लिया है और उन्होंने अपने खेल में सुधार और कड़ी मेहनत करने का संकल्प लिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एशिया पैसिफिक स्तर पर पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है, और इसे सुनने में अक्षम खिलाड़ी द्वारा हासिल किया जाना और भी प्रशंसनीय है। यह साबित करता है कि समर्पण, आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर कोई भी खिलाड़ी अपनी शारीरिक सीमाओं को पार कर सकता है।
खिलाड़ी के परिवार ने भी खुशी और गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता उनके पूरे परिवार के लिए गौरव का पल है और यह साबित करती है कि अगर सही दिशा और समर्थन मिले तो कोई भी चुनौती जीतने योग्य होती है।
पिंगलवाड़ा जूडो खिलाड़ी की यह उपलब्धि राज्य और राष्ट्रीय खेल मंच पर सुनने में अक्षम खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणास्पद बनी है। आने वाले समय में ऐसे खिलाड़ियों को अधिक अवसर और समर्थन प्रदान करने की जरूरत है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
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