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Amritsar शनिवार को गोल्डन टेम्पल कॉम्प्लेक्स के सेंट्रल सिख म्यूज़ियम में स्वर्गीय जस्टिस कुलदीप सिंह के साथ-साथ दल खालसा के नेता गजेंद्र सिंह और गुरदेव सिंह देबू की तस्वीरें लगाई गईं। वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने कहा कि जस्टिस सिंह ने सच्चाई, न्याय और लोगों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई थी और सिख युवाओं पर हुए अत्याचारों को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई थी।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि पंजाब और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों में जस्टिस सिंह के न्यायिक फैसलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने परिसीमन आयोग के अध्यक्ष के तौर पर उनकी भूमिका को भी याद किया और बताया कि उन्होंने पंजाब में विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों के नाम सिख गुरुओं की यात्राओं से जुड़ी जगहों के नाम पर रखे थे।
जस्टिस सिंह के बेटे, सीनियर वकील परमजीत सिंह पटवालिया को भी सम्मानित किया गया। गरगज, धामी, तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार टेक सिंह, दरबार साहिब के ग्रंथी ज्ञानी बलजीत सिंह, परिवारों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में प्रार्थना के बाद इन तस्वीरों का अनावरण किया गया। गरगज ने कहा कि गजेंद्र सिंह लंबे समय तक निर्वासन में रहने के बावजूद सिख सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहे, जबकि गुरदेव सिंह देबू ने सरकारी दमन के बीच अपनी जान दे दी।
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