पंजाब

Punjab विधानसभा सत्र में राजनीतिक टकराव, विश्वास प्रस्ताव पेश

Payal
1 May 2026 1:55 PM IST
Punjab विधानसभा सत्र में राजनीतिक टकराव, विश्वास प्रस्ताव पेश
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Punjab.पंजाब: पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र शुक्रवार को राजनीतिक हलचल के बीच शुरू हुआ, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया। हालांकि, सत्र की शुरुआत में ही भाजपा विधायकों ने सदन का बहिष्कार कर दिया, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।
सूत्रों के अनुसार, AAP सरकार ने अपने बहुमत और स्थिरता को स्पष्ट करने के लिए यह विश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया था। सरकार का कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका उद्देश्य सदन में अपनी स्थिति को मजबूत करना है।
विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए सत्तापक्ष के नेताओं ने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल में कई विकास योजनाएं लागू की हैं और जनता के हित में लगातार काम किया है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक कारणों से बाधा डालने का आरोप लगाया।
दूसरी ओर, भाजपा विधायकों ने सत्र का बहिष्कार करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि यह प्रस्ताव राजनीतिक दिखावा है और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने सदन से बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि वे सरकार की नीतियों और कार्यशैली से असहमत हैं, इसलिए उन्होंने सत्र में भाग नहीं लिया।
विधानसभा के अंदर माहौल उस समय और गर्म हो गया जब विश्वास प्रस्ताव पर बहस शुरू हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को सुचारू बनाए रखने की कोशिश की और सभी सदस्यों से शांतिपूर्ण चर्चा की अपील की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र आने वाले समय में पंजाब की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वास प्रस्ताव केवल सरकार की स्थिरता का संकेत नहीं है, बल्कि यह विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच शक्ति संतुलन को भी दर्शाता है।
AAP के नेताओं ने दावा किया कि उनके पास पर्याप्त समर्थन है और विश्वास प्रस्ताव आसानी से पारित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का बहिष्कार लोकतांत्रिक प्रक्रिया से भागने जैसा है।
वहीं, भाजपा नेताओं ने कहा कि वे जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रस्ताव ला रही है।
सत्र के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और विधानसभा परिसर में प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
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