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पंजाब यूनिवर्सिटी का 942 करोड़ का बजट मंजूर, यूनिवर्सिटी में बढ़ेंगी सुविधाएं

Rajeshwari Nishad
22 Oct 2026 8:09 PM IST
पंजाब यूनिवर्सिटी का 942 करोड़ का बजट मंजूर, यूनिवर्सिटी में बढ़ेंगी सुविधाएं
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी ने वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए 942.21 करोड़ रुपये के राजस्व बजट को मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ फाइनेंस की महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया। नए बजट में शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, विद्यार्थियों की सुविधाओं, परीक्षाओं, शोध गतिविधियों, छात्रावासों के रखरखाव और विश्वविद्यालय परिसर के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए पार्ट टाइम काउंसलर की संख्या बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए बढ़ेंगे काउंसलर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसला किया है। वर्तमान में कार्यरत दो पार्ट टाइम काउंसलर की संख्या बढ़ाकर चार करने का निर्णय लिया गया है।इसके साथ ही काउंसलर के मासिक मानदेय में भी बढ़ोतरी की जाएगी। अभी प्रत्येक काउंसलर को 20 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं, जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के इस फैसले से मानसिक तनाव, पढ़ाई के दबाव और व्यक्तिगत परेशानियों का सामना करने वाले विद्यार्थियों को परामर्श संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे में काउंसलर की संख्या बढ़ाने का निर्णय छात्रों के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुलपति की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक
बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक की अध्यक्षता पंजाब यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर मीनाक्षी गोयल ने की।बैठक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के वित्तीय सलाहकार सुदीप सिंह जैन, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के वित्त सचिव के प्रतिनिधि एससीएलए सुरेश कुमार और पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इसके अलावा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर वाईपी वर्मा, वित्त एवं विकास अधिकारी डॉ. विक्रम नैयर, शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफेसर अमरजीत सिंह नूरा और गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हनी ठाकुर भी मौजूद रहे।बैठक में विश्वविद्यालय की आर्थिक जरूरतों और आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई।
यूजीसी से मिलेंगे 436.91 करोड़ रुपये
विश्वविद्यालय ने वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए कुल 942.21 करोड़ रुपये की अनुमानित आय निर्धारित की है।इसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से 436.91 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। वहीं पंजाब सरकार से 107.78 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद जताई गई है।इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय अपनी आय के स्रोतों से 397.52 करोड़ रुपये जुटाने का अनुमान लगा रहा है।कुल बजट में यूजीसी का योगदान 46.37 प्रतिशत, पंजाब सरकार का 11.44 प्रतिशत और विश्वविद्यालय की स्वयं की आय का हिस्सा 42.19 प्रतिशत रहेगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के संशोधित बजट अनुमान 902.68 करोड़ रुपये के मुकाबले नया बजट 39.53 करोड़ रुपये अधिक है।इस बढ़ोतरी से विभिन्न शैक्षणिक और विकास संबंधी गतिविधियों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होने की उम्मीद है।
रिसर्च और शैक्षणिक सुविधाओं पर करोड़ों खर्च
पंजाब यूनिवर्सिटी ने शोध और शिक्षण सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए हैं।शिक्षण विभागों में अकादमिक और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 11.69 करोड़ रुपये रखे गए हैं।इसके अलावा किताबों, जर्नल, शोध सामग्री, छात्रवृत्ति और फेलोशिप जैसी गतिविधियों के लिए 25.23 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।इस राशि का उपयोग शैक्षणिक संसाधनों को बेहतर बनाने और शोध गतिविधियों को सहयोग देने में किया जाएगा।विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
डाटा सेंटर और आईटी सुविधाओं का होगा आधुनिकीकरण
डिजिटल सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने विशेष योजना तैयार की है।डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी व्यवस्थाओं को अपग्रेड करने और नए सर्वर तथा फायरवॉल खरीदने के लिए 5.97 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।इससे विश्वविद्यालय की डिजिटल सेवाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।इसके अतिरिक्त लॉ ऑडिटोरियम में ऊर्जा की बचत करने वाला सेंट्रल एयर कंडीशनिंग प्लांट लगाने का भी प्रस्ताव बजट में शामिल किया गया है।
छात्रावासों की मरम्मत पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये
विश्वविद्यालय ने छात्रावासों और अन्य भवनों की मरम्मत के लिए भी राशि निर्धारित की है।ब्वॉयज हॉस्टल नंबर तीन और सात के वॉशरूम की मरम्मत के लिए 2.02 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।गैर आवासीय भवनों की छतों की मरम्मत पर 3.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।वहीं आवासीय मकानों के शौचालयों के नवीनीकरण के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।इन कार्यों से विश्वविद्यालय परिसर में रहने वाले विद्यार्थियों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
फर्नीचर और कार्यालय उपकरणों के लिए बजट
विश्वविद्यालय के शिक्षण और गैर शिक्षण विभागों में कार्यालय उपकरणों के लिए 2.38 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है।इसके अलावा नए फर्नीचर की खरीद के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।शिक्षण विभागों और क्षेत्रीय केंद्रों में फैकल्टी रूम के एयर कंडीशनिंग सिस्टम तथा बिजली संबंधी कार्यों के लिए तीन करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य विश्वविद्यालय के कार्यस्थलों और शैक्षणिक वातावरण को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
शूटिंग रेंज और फिजियोथेरेपी सेंटर को भी मिलेगी राशि
खेल और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।कैप्टन विक्रम बत्रा शूटिंग रेंज में इलेक्ट्रॉनिक टारगेट लगाने के लिए 40 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।इसके अलावा फिजियोथेरेपी सेंटर में नए उपकरणों की खरीद के लिए 45 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।इन सुविधाओं से खेल प्रशिक्षण और फिजियोथेरेपी संबंधी सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बड़ा फैसला
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिव्यांग विद्यार्थियों की परीक्षा में सहायता करने वाले स्क्राइब यानी लेखकों के मानदेय में भी वृद्धि की है।आगामी सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए स्क्राइब को प्रति परीक्षा 400 रुपये के स्थान पर 500 रुपये दिए जाएंगे।एक सेमेस्टर परीक्षा के दौरान प्रति स्क्राइब अधिकतम पांच हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा।वहीं मिड-टर्म परीक्षा के लिए प्रति परीक्षा 150 रुपये मानदेय निर्धारित किया गया है। एक मिड-सेमेस्टर परीक्षा में अधिकतम एक हजार रुपये का भुगतान किया जा सकेगा।इस निर्णय का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करना है।
विश्वविद्यालय के विकास को मिलेगी नई दिशा
पंजाब यूनिवर्सिटी का नया बजट शिक्षा, शोध, छात्र सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित है।विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर की संख्या बढ़ाना, छात्रावासों का रखरखाव, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए मानदेय में बढ़ोतरी महत्वपूर्ण फैसले माने जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि इन प्रावधानों से परिसर में पढ़ाई और शोध के लिए बेहतर वातावरण विकसित होगा।हालांकि, बजट में निर्धारित योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके प्रभावी क्रियान्वयन और समय पर उपलब्ध होने वाले वित्तीय संसाधनों पर निर्भर करेगा।
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