पंजाब

फतेहगढ़ साहिब में दो मासूमों की मौत से दहशत

Saba Naaz
22 July 2026 7:40 PM IST
फतेहगढ़ साहिब में दो मासूमों की मौत से दहशत
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पंजाब: फतेहगढ़ साहिब जिले के अमलोह क्षेत्र के खनयान गांव में एक ही परिवार के दो बच्चों की दो दिन के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। परिवार में 13 दिन की नवजात बच्ची और चार साल के मासूम बच्चे की मौत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में बच्चों में फूड प्वायजनिंग जैसे लक्षण सामने आए हैं, लेकिन मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

जानकारी के अनुसार खनयान गांव में रहने वाले एक संयुक्त परिवार में बुधवार सुबह चार साल के मनराज सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चे को लगातार उल्टियां हो रही थीं और पेट खराब था। परिवार के लोग उसे तुरंत सिविल अस्पताल अमलोह लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए उसे आगे इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे खन्ना के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान मनराज सिंह की मौत हो गई।

इस घटना से परिवार संभल भी नहीं पाया था कि दो दिन पहले इसी घर में एक और दुखद घटना हो चुकी थी। 20 जुलाई को परिवार की 13 दिन की नवजात बच्ची की भी इसी तरह के लक्षणों के बाद मौत हो गई थी। बच्ची के परिजनों के अनुसार उसे भी पेट संबंधी परेशानी और फूड प्वायजनिंग जैसे लक्षण दिखाई दिए थे। परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।

मामले में उस समय और चिंता बढ़ गई जब नवजात बच्ची की मां लखविंदर कौर की भी तबीयत खराब हो गई। उसे भी पेट खराब और फूड प्वायजनिंग जैसे लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है।

एक ही परिवार में लगातार दो मौतों की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। सिविल अस्पताल अमलोह के एसएमओ डॉ. जशनप्रीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने गांव पहुंचकर जांच की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आसपास के लोगों से बातचीत की और ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि गांव में किसी अन्य व्यक्ति को डायरिया, फूड प्वायजनिंग या पेट खराब जैसी समस्या नहीं है। ऐसे में मामला फिलहाल केवल एक परिवार तक सीमित नजर आ रहा है।

पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना अमलोह की टीम ने घर से पानी और अनाज के सैंपल एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए मोहाली स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

जांच के दौरान घर में रखे गेहूं को लेकर भी एक अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि हाल ही में गेहूं में सल्फास की गोलियां डाली गई थीं। इसके बाद घर में सल्फास जैसी तेज गंध महसूस की गई थी। इसी वजह से पुलिस ने गेहूं के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार सल्फास बेहद जहरीला रसायन होता है और इसके सेवन के साथ-साथ इसके धुएं से भी गंभीर खतरा हो सकता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बच्चों की मौत सल्फास के कारण हुई या किसी अन्य वजह से। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

थाना अमलोह के एसएचओ तरणजीत सिंह ने बताया कि फिलहाल सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। वहीं, दो मासूमों की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है और पूरे गांव में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।

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