
मोहाली। पंजाब के मोहाली में दोस्त की बेरहमी से हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। बकरी कारोबार के 40 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर दोस्त की सिर काटकर हत्या करने वाले मुख्य आरोपित जागीर सिंह उर्फ घोला को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने मृतक की पत्नी को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के माध्यम से मुआवजा देने की सिफारिश भी की है।
मामले की सुनवाई एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज विक्रांत कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने 17 जुलाई को जागीर सिंह को हत्या का दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के मुद्दे पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटार्नी हरदीप सिंह रोमाना ने पैरवी की।
अदालत में पेश किए गए अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 12 जून 2021 को मोहाली के सिसवां इलाके में हुई थी। घटना के दिन जागीर सिंह और उसका दोस्त सुच्चा सिंह साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान बकरियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े 40 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि जागीर सिंह ने तलवार से हमला कर दिया।
आरोप है कि जागीर सिंह ने तलवार से सुच्चा सिंह का सिर धड़ से अलग कर दिया। हत्या के बाद उसने शव को छिपाने की कोशिश की। आरोपित ने बिना सिर वाले शव को तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सिसवां स्थित फार्महाउस के पास दफना दिया, जबकि मृतक का सिर अलग जगह फेंक दिया गया था। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
मामले का खुलासा करीब नौ दिन बाद 21 जून 2021 को हुआ। बताया गया कि मृतक का पालतू कुत्ता बार-बार परिवार के सदस्यों को एक खास जगह पर ले जा रहा था। परिवार को शक हुआ तो उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और खुदाई करवाई, जहां से बिना सिर वाला शव बरामद हुआ।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले और पुलिस ने जागीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद हत्या की पूरी कहानी सामने आई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए और अदालत में चार्जशीट पेश की।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने हत्या से जुड़े सबूत, गवाहों के बयान और जांच रिपोर्ट पेश की। अदालत ने माना कि जागीर सिंह के खिलाफ हत्या के पर्याप्त और मजबूत साक्ष्य मौजूद हैं। इन्हीं आधारों पर उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
वहीं, इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपितों सतनाम सिंह उर्फ सनी और देशराज उर्फ देसा के खिलाफ अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दोनों को बरी कर दिया।
अदालत के फैसले के बाद मृतक परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि मामूली आर्थिक विवाद भी किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। पुलिस और अदालत ने मामले में सबूतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोषी को सजा दिलाई है।





