पंजाब

17 हाईवे परियोजनाओं की जांच करेगा NHAI

Kiran
1 Oct 2026 10:21 AM IST
17 हाईवे परियोजनाओं की जांच करेगा NHAI
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Punjab पंजाब और हरियाणा समेत 17 निर्माणाधीन नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी की खास जांच करेगी। इन प्रोजेक्ट्स में बोली की कीमत, प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत से 15% से ज़्यादा कम थी। इन जांचों का मकसद NHAI के रेगुलर क्वालिटी-मॉनिटरिंग सिस्टम के अलावा, शुरुआती स्टेज पर ही क्वालिटी से जुड़ी कमियों का पता लगाना और समय पर सुधार के कदम उठाना है।
जांच का पहला राउंड दिसंबर 2026 तक पूरा करने का प्लान है। इसके बाद, चुने गए प्रोजेक्ट्स की छह महीने बाद एक्सपर्ट्स की एक अलग टीम फिर से जांच करेगी ताकि कंस्ट्रक्शन स्टैंडर्ड्स का पालन और सुधार के उपायों की पुष्टि की जा सके। इन 17 प्रोजेक्ट्स को तीन पैमानों के आधार पर चुना गया है — 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कंस्ट्रक्शन लागत, 15% से ज़्यादा का टेंडर डिस्काउंट और 35 से 80% के बीच फिजिकल प्रोग्रेस।
NHAI ने कहा कि इन पैमानों से उसे एक निष्पक्ष और डेटा-आधारित तरीका अपनाते हुए, कंस्ट्रक्शन के अहम स्टेज पर मौजूद प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी जांच पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। चुने गए प्रोजेक्ट्स में कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में ग्रीनफील्ड और एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर, बाईपास और चार- व छह-लेन बनाने के काम शामिल हैं।
क्वालिटी-मॉनिटरिंग सिस्टम को मज़बूत करने के लिए, NHAI ने एक्सपर्ट्स का एक ग्रुप बनाया है। इसमें खास जांच टीमों का नेतृत्व सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और राज्य लोक निर्माण विभागों जैसे विभिन्न सरकारी संगठनों के 39 अनुभवी और रिटायर्ड इंजीनियर करेंगे। जांच के दौरान टेक्निकल एक्सपर्ट्स भी टीमों की मदद करेंगे। जांच टीमें मंज़ूर किए गए ड्रॉइंग, टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स, कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों और प्रोजेक्ट-स्पेसिफिक क्वालिटी प्लान के आधार पर कंस्ट्रक्शन के कामों का आकलन करेंगी। वे सैंपलिंग और टेस्टिंग से जुड़े रिकॉर्ड्स की समीक्षा करने के अलावा, कंस्ट्रक्शन मटीरियल, कारीगरी और कंस्ट्रक्शन के तरीकों की क्वालिटी की भी जांच करेंगी।
जांच में सड़क सुरक्षा के उपाय, ट्रैफिक मैनेजमेंट और पर्यावरण से जुड़े सुरक्षा उपाय भी शामिल होंगे, जहां भी ये लागू होते हैं। तय स्टैंडर्ड्स से कमतर पाए गए किसी भी काम की पहचान की जाएगी और लागू कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के तहत सुधार के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी। NHAI के अनुसार, इन खास तरह की जांचों से क्वालिटी से जुड़ी बार-बार होने वाली समस्याओं, निर्माण के उन तरीकों जिनमें सुधार की ज़रूरत है, और उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी जहाँ कॉन्ट्रैक्टर, कंसल्टेंट और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से ज़्यादा जवाबदेही की ज़रूरत है। यह पहल NHAI की उन व्यापक कोशिशों का हिस्सा है जिनका मकसद देश भर में वर्ल्ड-क्लास नेशनल हाईवे नेटवर्क बनाना है। इसके तहत चल रहे नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी मॉनिटरिंग को मज़बूत करना और समय पर सुधारात्मक कदम उठाना शामिल है।
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