पंजाब

अमृतसर में गियानी हरप्रीत सिंह का बड़ा बयान, AAP और अकाली दल पर साधा निशाना

Gulabi Jagat
27 Jun 2026 7:55 PM IST
अमृतसर में गियानी हरप्रीत सिंह का बड़ा बयान, AAP और अकाली दल पर साधा निशाना
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Amritsar : Amritsar में सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक पदाधिकारी रहे और शिरोमणि अकाली दल पुनरगठित के अध्यक्ष Giani Harpreet Singh ने एक प्रेस वार्ता में पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, धार्मिक मुद्दों और आगामी चुनावों को लेकर कई अहम बयान दिए। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता, खासकर महिलाओं को गुमराह कर रही है और चुनावों में सरकारी धन का उपयोग कर प्रभाव डालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति का स्तर लगातार गिर रहा है और इससे गांव-गांव में तनाव और विभाजन की स्थिति बन रही है।

गियानी हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार विज्ञापन आधारित राजनीति कर रही है और जनता के पैसों का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति समाज में आपसी टकराव को बढ़ा रही है, जो चिंता का विषय है।धार्मिक मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर धार्मिक हस्तियों और जत्थेदारों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां बढ़ रही हैं, जिन्हें रोका जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब को राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।उन्होंने शिरोमणि अकाली दल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कुछ मामलों में कार्रवाई अलग-अलग तरीके से की जा रही है और धार्मिक संस्थाओं का उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और अकाली दल नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछले आदेशों और फैसलों को लेकर उठे विवादों के बाद स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।इसके अलावा, उन्होंने SGPC की गतिविधियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि धार्मिक मंचों का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं होना चाहिए।आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की पंजाब यात्रा पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि जनता से किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिनमें 2015 के बेअदबी मामलों में कार्रवाई, महिलाओं को वित्तीय सहायता और अन्य चुनावी घोषणाएं शामिल हैं।

कुल मिलाकर, इस प्रेस वार्ता में गियानी हरप्रीत सिंह ने राज्य की राजनीति, धार्मिक संस्थाओं की भूमिका और चुनावी वादों को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए, जिससे पंजाब की राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।

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