
मोहाली: जीरकपुर इलाके में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से दो लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे करीब 40 लाख रुपये ठग लिए। एक व्यक्ति से गैस बिल अपडेट कराने के नाम पर ठगी की गई, जबकि दूसरे व्यक्ति को शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये हड़प लिए गए। मामले की शिकायत मिलने के बाद जिला साइबर क्राइम थाना मोहाली पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि गैस, बिजली या अन्य किसी भी ऑनलाइन सेवा से जुड़े अपडेट के नाम पर आने वाले अनजान मैसेज और लिंक से सावधान रहें। इसके अलावा सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर मिलने वाले निवेश संबंधी ऑफर और कम समय में ज्यादा मुनाफे के दावों पर भरोसा करने से बचें।
पहले मामले में जीरकपुर निवासी दीवान चंद साइबर ठगों के जाल में फंस गए। उनके मोबाइल पर गैस बिल अपडेट करने से संबंधित एक मैसेज आया था। मैसेज में दिए गए निर्देशों को सही मानकर उन्होंने आगे की प्रक्रिया पूरी की। इसी दौरान ठगों ने उनकी बैंकिंग से जुड़ी जरूरी जानकारी हासिल कर ली।
जानकारी मिलने के बाद साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से करीब 17.20 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित को जब खाते से पैसे गायब होने की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब इस मामले में मैसेज भेजने वाले नंबर और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है।
वहीं दूसरा मामला जीरकपुर निवासी 50 वर्षीय आशुतोष त्रिवेदी से जुड़ा है। उन्हें अप्रैल महीने में व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा गया था। इस लिंक के जरिए उन्हें एक कथित शेयर ट्रेडिंग ग्रुप से जोड़ा गया, जिसका नाम ‘202 इंडियन हाई नेट वर्थ ट्रेडिंग’ बताया गया।
ग्रुप में मौजूद लोगों ने खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताया और निवेश करने पर भारी मुनाफे का दावा किया। साइबर ठगों ने आशुतोष को भरोसा दिलाया कि कम समय में निवेश की रकम कई गुना बढ़ाई जा सकती है। उनके झांसे में आकर आशुतोष ने अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर कुल 22.80 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
कुछ समय बाद जब उन्होंने अपनी निवेश राशि और कथित मुनाफे को निकालने की कोशिश की तो उन्हें पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने जिला साइबर क्राइम थाना मोहाली में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जिन बैंक खातों में ठगी की रकम भेजी गई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही संबंधित मोबाइल नंबरों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
साइबर पुलिस का कहना है कि ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। कभी बिजली या गैस बिल अपडेट कराने के नाम पर तो कभी ऑनलाइन निवेश में मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों से निजी जानकारी और पैसे हासिल किए जा रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अगर कोई व्यक्ति निवेश के नाम पर बिना जोखिम के ज्यादा मुनाफे का दावा करता है तो ऐसे ऑफर से सतर्क रहें।
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। किसी भी ऑनलाइन लेनदेन से पहले उसकी पूरी जांच करना जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी लोगों को लाखों रुपये के नुकसान से बचा सकती है। मोहाली पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।





