
चंडीगढ़। वर्ष 2015 के बेअदबी मामलों और बहबल कलां गोलीकांड की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने सोमवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद बाहर आए सुखबीर बादल ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि उन्होंने जांच एजेंसी के सभी सवालों के जवाब दिए हैं तथा पूरी तरह सहयोग किया है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि अकाली दल किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।
सुखबीर सिंह बादल दोपहर करीब 12 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित एसआईटी कार्यालय पहुंचे थे। यहां जांच अधिकारियों ने उनसे 2015 में हुई बेअदबी की घटनाओं और उसके बाद बहबल कलां व कोटकपूरा में हुए घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली। करीब तीन घंटे तक चली पूछताछ के बाद वह बाहर आए और मीडिया से बातचीत की।
सुखबीर बादल ने कहा कि उन्होंने कानून और जांच प्रक्रिया का सम्मान करते हुए एसआईटी के सामने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने दावा किया कि जांच अधिकारियों की ओर से पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं और उन्होंने मामले में पूरा सहयोग किया है। हालांकि, उन्होंने जांच की प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में तलब किए जाने के पीछे राजनीतिक कारण नजर आते हैं। सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि समय आने पर हर कार्रवाई का जवाब संबंधित अधिकारियों को देना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल अपने राजनीतिक और जनहित के मुद्दों को पहले की तरह उठाता रहेगा।
सुखबीर बादल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता किसी भी तरह के दबाव में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल हमेशा पंजाब के मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा। पूछताछ के बाद उन्होंने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया।
इस दौरान भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में शिरोमणि अकाली दल के नेता और कार्यकर्ता एसआईटी कार्यालय के बाहर पहुंचे थे। सुखबीर बादल ने कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और समर्थन के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का साथ उनका मनोबल बढ़ाता है और पार्टी मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं के बाद बहबल कलां और कोटकपूरा में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन घटनाओं के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और गोलीबारी को लेकर लंबे समय से जांच चल रही है। इसी मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम समय-समय पर संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है।
माना जा रहा है कि एसआईटी ने सुखबीर बादल से उस समय की प्रशासनिक व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और घटनाक्रम से जुड़े कई सवाल पूछे। हालांकि, जांच टीम की ओर से पूछताछ को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अधिकारियों ने किन-किन बिंदुओं पर सवाल किए और जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
सुखबीर बादल की पेशी को देखते हुए एसआईटी कार्यालय और आसपास के इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सेक्टर-32 क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बैरिकेडिंग की गई और पूरे इलाके में निगरानी रखी गई।
फिलहाल बहबल कलां गोलीकांड मामले में जांच जारी है। एसआईटी की आगामी कार्रवाई और आगे होने वाली पूछताछ पर सभी की नजरें बनी हुई हैं। वहीं, सुखबीर बादल के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर पंजाब की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।





