पंजाब

Punjab में ‘मावां धियां श्री’ योजना शुरू, महिलाओं के खातों में राशि पहुंचनी शुरू, विपक्ष ने सरकार को घेरा

Gulabi Jagat
1 July 2026 6:43 PM IST
Punjab में ‘मावां धियां श्री’ योजना शुरू, महिलाओं के खातों में राशि पहुंचनी शुरू, विपक्ष ने सरकार को घेरा
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Chandigarh, चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए अपनी महत्वाकांक्षी ‘मावां धियां श्री’ योजना की शुरुआत कर दी है। मंगलवार, 1 जुलाई से इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता की राशि भेजनी शुरू कर दी गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर जिले के धुरी से इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। योजना के तहत 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

सरकार के अनुसार, सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये, जबकि अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।

योजना शुरू होने के साथ ही राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सभी पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ नहीं पहुंचा है और सरकार केवल प्रचार कर रही है।

शिरोमणि अकाली दल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के एक ब्लॉक अध्यक्ष को मंच पर बुलाकर राशि दी गई, जबकि राज्य की बड़ी संख्या में महिलाओं के खातों में अब तक पैसे नहीं पहुंचे हैं।

अकाली दल ने अपने पोस्ट में दावा किया कि पंजाब की छह लाख से अधिक महिलाओं को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। पार्टी ने यह भी मांग की कि सरकार महिलाओं से किए गए पुराने वादों के अनुसार पिछले साढ़े चार वर्षों का बकाया भुगतान भी करे।

उधर, पंजाब भाजपा ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। भाजपा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य की आधी से अधिक महिलाओं के खातों में अभी तक राशि नहीं पहुंची है। पार्टी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने योजना के शुभारंभ को राजनीतिक कार्यक्रम में बदल दिया और मंच से केवल प्रतीकात्मक तरीके से राशि वितरित की गई। भाजपा ने कहा कि पंजाब की जनता अब केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगी और सरकार को वास्तविक लाभार्थियों तक योजना पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने भी इस योजना को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक कितनी महिलाओं के खातों में राशि भेजी गई है, कितनी महिलाएं इस योजना के लिए पात्र हैं और शेष लाभार्थियों को कब तक भुगतान किया जाएगा।

राजनीतिक दलों के आरोपों के बीच राज्य सरकार का कहना है कि योजना का क्रियान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। सभी पात्र महिलाओं का सत्यापन पूरा होने के बाद उनके खातों में नियमित रूप से राशि भेजी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, बैंकिंग प्रक्रिया और लाभार्थियों के सत्यापन के कारण कुछ मामलों में भुगतान में समय लग सकता है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने योजना के शुभारंभ के दौरान कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा और किसी भी पात्र लाभार्थी को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

राज्य सरकार के इस कदम को जहां महिला कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि योजना का लाभ कितनी तेजी से सभी पात्र महिलाओं तक पहुंच पाता है और सरकार विपक्ष के आरोपों का किस तरह जवाब देती है।

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