
x
जालंधर बदलेगा कचरे से खाद बनेगी नई सॉलिड वेस्ट योजना शुरू
जालंधर: पंजाब के जालंधर शहर में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम ने करीब 600 करोड़ रुपये के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने, कचरे को अलग-अलग करने और उससे जैविक खाद तैयार करने की योजना बनाई गई है।
इस परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी BVG India Limited को दी गई है। कंपनी शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से लेकर कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण तक का काम करेगी। योजना के तहत रोजाना घरों से कूड़ा एकत्र कर उसे प्रोसेसिंग सेंटर तक पहुंचाया जाएगा।
नई व्यवस्था में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने पर जोर दिया जाएगा। गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जाएगी, जबकि रिसाइकिल होने वाले कचरे को अलग कर उसका दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा। इससे शहर में कूड़े के ढेर कम होंगे और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।
परियोजना के तहत जालंधर के वारियाना डंप साइट पर आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट विकसित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने डंप साइट के पास जमीन भी उपलब्ध कराई है। प्लांट में आधुनिक मशीनों की मदद से कचरे को अलग कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, शहर में कूड़ा उठाने के लिए बड़ी संख्या में छोटे वाहन लगाए जाएंगे। इन वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे अधिकारियों को कचरा संग्रहण की निगरानी करने में आसानी होगी। इसके अलावा संचालन पर नजर रखने के लिए मोबाइल एप की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
इस परियोजना के तहत रोजाना करीब 631 मीट्रिक टन कचरा एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है। डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए लगभग 450 छोटे वाहनों की तैनाती की योजना है। परियोजना से 1800 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना भी जताई गई है।
नगर निगम का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद जालंधर में सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा। लंबे समय से शहर में कचरा प्रबंधन को लेकर उठ रही समस्याओं का समाधान करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हालांकि, कुछ कर्मचारी संगठनों ने इस परियोजना को लेकर अपनी चिंताएं भी जताई हैं। उनका कहना है कि निजी कंपनी को जिम्मेदारी देने से पहले कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, 600 करोड़ रुपये की यह परियोजना जालंधर को बेहतर स्वच्छता व्यवस्था देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब लोगों को उम्मीद है कि योजना जमीन पर लागू होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होगी।
Next Story





