उत्तराखंड

अंकिता केस में नहीं मिली राहत तीनों दोषियों की जमानत अर्जी खारिज

nidhi
20 Aug 2026 9:42 AM IST
अंकिता केस में नहीं मिली राहत तीनों दोषियों की जमानत अर्जी खारिज
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अंकिता भंडारी केस में हाईकोर्ट सख्त तीनों दोषियों की याचिका हुई खारिज

देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को एक बार फिर राहत नहीं मिली है। नैनीताल हाईकोर्ट ने मामले में उम्रकैद की सजा पाए तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत के इस फैसले के बाद तीनों आरोपी फिलहाल जेल में ही रहेंगे।

अंकिता भंडारी हत्याकांड वर्ष 2022 में सामने आया था, जिसने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। अंकिता वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। मामले में पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को आरोपी बनाया गया था। निचली अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट में दोषियों की ओर से सजा के खिलाफ अपील लंबित रहने तक जमानत देने की मांग की गई थी। बचाव पक्ष ने कई दलीलें रखीं, लेकिन अभियोजन पक्ष और पीड़िता पक्ष की ओर से इसका विरोध किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया।
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को मजबूत कानूनी पैरवी और प्रभावी अभियोजन का परिणाम बताया है। सरकार के अनुसार, मामले की शुरुआत से ही त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। जांच के दौरान एसआईटी ने विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें कई गवाहों के बयान और महत्वपूर्ण साक्ष्य शामिल किए गए थे। सरकार का कहना है कि अदालत में अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से रखा, जिसके चलते आरोपियों को पहले भी राहत नहीं मिल सकी।
इस मामले में पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग करता रहा है। सरकार की ओर से कहा गया है कि परिवार की मांगों और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। मामले में जांच और सुनवाई के दौरान कई अहम कदम उठाए गए। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अदालत के आदेश के बाद अब दोषियों को जेल में रहकर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
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