पंजाब

Punjab के कर्मचारियों के DA बकाये पर बड़ा फैसला, हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को किया तलब

Ratna Netam
27 Oct 2026 3:33 PM IST
Punjab के कर्मचारियों के DA बकाये पर बड़ा फैसला, हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को किया तलब
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चंडीगढ़ : 27 अक्टूबर 2026। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) के भुगतान से जुड़े मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने आदेशों का पालन नहीं होने और अवमानना याचिका पर समय से जवाब दाखिल नहीं करने के कारण पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही मुख्य सचिव को 3 नवंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का बकाया भुगतान कब तक किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने सरकार के रवैये पर जताई नाराजगी
मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से समय पर जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने कहा कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद सरकार ने महंगाई भत्ते के बकाया भुगतान को लेकर संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत नहीं की है।करीब एक घंटे तक चली सुनवाई में अदालत ने सरकारी पक्ष से पूछा कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मामले में आदेशों का पालन करने में देरी क्यों हो रही है।हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों और बकाया भुगतान की समयसीमा का स्पष्ट उल्लेख करना होगा।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायिक आदेशों के अनुपालन को अनिश्चित समय तक नहीं टाला जा सकता।
3 नवंबर को मुख्य सचिव की व्यक्तिगत पेशी
हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को आगामी 3 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है।इस दौरान मुख्य सचिव को अदालत के सामने बताना होगा कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित डीए और महंगाई राहत (DR) के भुगतान के संबंध में सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है।अदालत ने अनुपालन संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है।मुख्य सचिव की व्यक्तिगत पेशी का आदेश प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले भी अदालत इस मामले में राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठा चुकी है।
अगस्त में दिया था बकाया भुगतान का आदेश
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) को कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का लंबित महंगाई भत्ता तथा महंगाई राहत जारी करने का निर्देश दिया था।अदालत ने कहा था कि राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के पैटर्न को अपनाने के बाद संबंधित दरों पर डीए और डीआर का भुगतान करना उसकी जिम्मेदारी बनती है।हाईकोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर बकाया किस्तें जारी करने का आदेश दिया था। भुगतान में देरी होने की स्थिति में छह प्रतिशत ब्याज का प्रावधान भी किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट में अपील को लेकर भी उठा विवाद
इस मामले में पंजाब सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल किए जाने का मुद्दा भी अदालत के सामने आया था।सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की स्थिति को लेकर सरकारी हलफनामे और उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड में कथित विसंगतियां थीं।इसी आधार पर मुख्य सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया था कि अदालत के सामने प्रस्तुत जानकारी सही थी या नहीं।अक्टूबर के पहले सप्ताह में हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आपराधिक अवमानना संबंधी नोटिस भी जारी किया था। हालांकि, सरकार ने अदालत को बताया था कि न्यायपालिका को गुमराह करने का उसका कोई इरादा नहीं था।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भुगतान का इंतजार
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कुछ हद तक कम करना है।इसी प्रकार पेंशनभोगियों को महंगाई राहत प्रदान की जाती है। डीए और डीआर की किस्तें लंबित रहने से कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त लोगों की वित्तीय योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।लंबित भुगतान को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की ओर से अदालत में अवमानना याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पहले दिए गए आदेशों के बावजूद उन्हें निर्धारित बकाया राशि नहीं मिली है।
अगली सुनवाई पर टिकी कर्मचारियों की निगाहें
हाईकोर्ट के ताजा निर्देश के बाद अब पंजाब सरकार को लंबित बकाये और भुगतान की समयसीमा को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा।3 नवंबर को होने वाली सुनवाई में मुख्य सचिव की पेशी और सरकार की अनुपालन रिपोर्ट महत्वपूर्ण रहेंगी।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का बकाया भुगतान किस तारीख तक पूरा करेगी। अदालत के अगले आदेश के बाद इस संबंध में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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