पंजाब
पंजाब विधानसभा में AAP कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक
Ratna Netam
27 Oct 2026 2:56 PM IST

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चंडीगढ़ : 27 अक्टूबर 2026। पंजाब विधानसभा में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान दोनों दलों के विधायकों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। मान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़ा कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है और पार्टी केवल राजनीतिक विरोध के लिए सदन में हंगामा कर रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने सरकार पर कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या और जनहित के मुद्दों से बचने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का पलटवार
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के पास सरकार के खिलाफ उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उनका आरोप है कि विपक्ष जनता की समस्याओं पर सार्थक चर्चा करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी को प्राथमिकता दे रहा है।मान इससे पहले भी विपक्ष पर जनहित के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगा चुके हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा रही है, जबकि विपक्ष इन प्रयासों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक विवाद पैदा कर रहा है।
विधानसभा में कैसे शुरू हुआ विवाद?
पंजाब विधानसभा के हालिया सत्र में कांग्रेस विधायकों ने राज्य की कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।23 अक्टूबर को सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।कांग्रेस विधायकों ने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मुद्दा उठाया। पार्टी ने इस घटना को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।कांग्रेस सदस्य विरोध जताने के लिए सदन के बीचोंबीच पहुंच गए। इसके जवाब में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने भी नारेबाजी की, जिससे विधानसभा का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशे की तस्करी, गैंगस्टर गतिविधियों और कानून-व्यवस्था से संबंधित समस्याओं से निपटने में विफल रही है।विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह के नेतृत्व में पार्टी विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर भी प्रदर्शन किया।कांग्रेस नेताओं ने काले कपड़े और काले स्कार्फ पहनकर विरोध जताया। उन्होंने सरकार के खिलाफ एक 'लानत पत्र' भी प्रस्तुत किया, जिसमें कानून-व्यवस्था, नशे और अन्य मुद्दों को लेकर आरोप लगाए गए थे।कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष का दायित्व सरकार से जवाब मांगना है और जनहित से जुड़े सवालों को विधानसभा में उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा पर कार्रवाई
विधानसभा में हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।23 अक्टूबर को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खैरा को शेष सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया। सरकार की ओर से आरोप लगाया गया कि खैरा ने विधानसभा अध्यक्ष के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और सदन की कार्यवाही बाधित की।विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर खैरा को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया। यह प्रस्ताव विपक्ष की अनुपस्थिति में पारित हुआ।इस कार्रवाई ने सत्तापक्ष और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया।
विधानसभा में प्रवेश को लेकर भी विवाद
27 अक्टूबर को पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के प्रवेश को लेकर भी विवाद सामने आया।रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस के कुछ नेताओं को विधानसभा में प्रवेश करने से रोका गया, जिसके बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया।विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रवेश रोकने संबंधी नोटिस पर विधानसभा अध्यक्ष के हस्ताक्षर नहीं होने का सवाल उठाया।इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला और तेज हो गया।
पंजाब की राजनीति में बढ़ी हलचल
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव लगातार चर्चा में है।आम आदमी पार्टी अपनी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता के सामने रख रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस कानून-व्यवस्था, नशाखोरी और प्रशासनिक जवाबदेही को प्रमुख मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रही है।विधानसभा में हुए हालिया घटनाक्रम से स्पष्ट है कि दोनों दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। अब राजनीतिक बहस का केंद्र यह भी है कि जनहित के मुद्दों पर सदन में कितनी प्रभावी चर्चा हो पाती है।
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