पंजाब

Ludhiana: सीचेवाल ने बुद्ध नाले में प्रदूषण का मुद्दा उठाया

Ratna Netam
21 April 2026 7:36 PM IST
Ludhiana: सीचेवाल ने बुद्ध नाले में प्रदूषण का मुद्दा उठाया
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Ludhiana.लुधियाना: शहर में बुद्ध नाले में प्रदूषण के मामले पर समाजसेवी सीचेवाल ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नाले में लगातार गाय के गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट गिर रहे हैं, जिससे न केवल पानी प्रदूषित हो रहा है बल्कि आसपास के वातावरण और स्थानीय स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
सीचेवाल ने बताया कि नाले का पानी अक्सर निकटवर्ती बस्तियों और खेतों में फैलता है, जिससे वहाँ रहने वाले लोगों और किसानों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जल-जंतुओं और स्थानीय इकोसिस्टम पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
समाजसेवी ने प्रशासन और स्थानीय लोगों से संगठित प्रयास करने की अपील की। उनका कहना था कि नाले की सफाई, गोबर के सुरक्षित निपटान और नियमित निगरानी के बिना यह समस्या और बढ़ सकती है। सीचेवाल ने कहा कि स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान और सख्त नियम लागू करने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नाले के किनारे सामुदायिक गोबर प्रबंधन केंद्र बनाए जाएँ, जहां गोबर को कंपोस्ट या जैविक उर्वरक में बदला जा सके। इससे न केवल नाले की सफाई बनी रहेगी बल्कि किसानों के लिए उर्वरक का स्रोत भी तैयार होगा।
इस अवसर पर पर्यावरण विशेषज्ञों ने कहा कि शहरी नालों में जैविक और औद्योगिक अपशिष्ट का मिश्रण स्थानीय जलस्तर और मिट्टी की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह नाले की नियमित सफाई और निगरानी सुनिश्चित करे और सख्त नियमों का पालन करवाए।
स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नाले के पानी और बदबू के कारण उनके घर और आसपास की हवा दूषित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
सीचेवाल ने निष्कर्ष में कहा कि समाज, प्रशासन और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के बिना नाले में गिरते गोबर और अन्य अपशिष्ट को नियंत्रित करना मुश्किल है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो स्थानीय स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, लुधियाना के बुद्ध नाले में गोबर गिरने के कारण उत्पन्न प्रदूषण का मुद्दा गंभीर है। समाजसेवी और पर्यावरण विशेषज्ञ इसे स्थानीय और प्रशासनिक स्तर पर तुरंत समाधान की मांग कर रहे हैं।
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