Ludhiana: पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह के बीच बैंस का बड़ा बयान, वेरिंग के समर्थन में उतरे

Ludhiana: पंजाब कांग्रेस में चल रहे आंतरिक विवाद के बीच लुधियाना में पार्टी की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक Simarjit Singh Bains ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष Amarinder Singh Raja Warring का समर्थन किया और पार्टी के भीतर उनके खिलाफ साजिश का आरोप लगाया।
बैंस ने कहा कि वेरिंग के नेतृत्व में कांग्रेस को 2022 विधानसभा चुनाव से पहले मजबूत किया गया था और अब जब आने वाले चुनाव नजदीक हैं, तब कुछ नेता उन्हें साइडलाइन करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वेरिंग की कार्यशैली और संगठन पर पकड़ के कारण पार्टी को लोकसभा चुनाव 2024 में पंजाब की 13 में से 7 सीटों पर सफलता मिली थी।
उन्होंने कहा कि जो लोग पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi के समर्थन में बैठकें कर रहे हैं, वे पार्टी के अंदर गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं। बैंस ने आरोप लगाया कि यह सब कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश है, जबकि जमीनी स्तर पर वेरिंग के नेतृत्व में पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। बैंस ने कहा कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार पहले से ही कमजोर स्थिति में है और ऐसे समय में कांग्रेस को एकजुट होकर चुनावी तैयारी करनी चाहिए, न कि अंदरूनी लड़ाई में उलझना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो नेता आज बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, उन्होंने नगर निकाय चुनावों में कितना योगदान दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बैंस ने पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें केवल उस समय आगे लाया गया था जब पार्टी में अंदरूनी विवाद चल रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि कई नेता ऐसे हैं जिनके पास कांग्रेस की मूल सदस्यता तक नहीं है, फिर भी वे संगठनात्मक बैठकों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
बैंस ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई है। उन्होंने दावा किया कि एक नेता ने उनके खिलाफ आरोप लगाने के लिए लगभग 82 लाख रुपये दिए थे। हालांकि उन्होंने कहा कि वे समय आने पर इस मामले से जुड़े सबूत भी सामने लाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, वे खुद जांच के दायरे में हैं और उनकी भूमिका भी संदिग्ध है। बैंस ने कहा कि उन्हें जबरन विवाद में घसीटा जा रहा है, जबकि वह पार्टी के हित में काम कर रहे हैं। बैंस के इस बयान के बाद पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर बहस तेज हो गई है। फिलहाल पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





