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Jalandhar:मशहूर मंडी में हंगामा, चल रहा पैसों का खेल

Sarita
11 April 2025 10:21 AM IST
Jalandhar:मशहूर मंडी में  हंगामा,  चल रहा पैसों का खेल
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Jalandharजालंधर: मकसूदां सब्जी मंडी में सभी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नरिंदर सिंह होशियारपुर को पार्किंग और रिटेल स्टालों का ठेका मिल गया है। 2025-26 के लिए यह ठेका 6 करोड़ 71 लाख 113 रुपए का निकला जबकि 2024-25 के ठेके की अंतिम बोली 6.87 करोड़ लगी। बुधवार रात 12 बजे के बाद ही ठेकेदार ने ठेके पर कब्जा ले लिया, लेकिन पहले ही दिन बवाल मच गया। दरअसल, मार्केट कमेटी की ओर से तय सरकारी पार्किंग फीस पहले दिन से ही ठेकेदार की ओर से दोगुनी वसूली जा रही थी। ऑटो रिक्शा की 40 रुपए की पर्ची को 100 रुपए कर दिया गया।
इसी तरह चाय का काउंटर लगाने वालों से 60 रुपए प्रतिदिन वसूले जाते थे, जो अब 130 रुपए कर दिए गए हैं। अन्य छोटी दुकानें चलाने वालों से 40 की जगह 100 रुपए वसूले गए। वहीं, बड़े वाहनों से सरकारी फीस का दो गुना वसूला जा रहा है। इससे पहले भी जब पिछले पार्किंग ठेकेदार ने सरकारी शुल्क से अधिक पैसे वसूले थे, तो मंडी में आने वाले वाहन चालकों ने विरोध जताया था और आढ़तियों ने भी उनका साथ दिया था, लेकिन जिस तरह से नए ठेकेदार ने जबरन पैसे वसूलने शुरू किए हैं, उससे साफ है कि मंडी में कभी भी विरोध हो सकता है और इसका सीधा असर आढ़तियों पर पड़ेगा।
पहले रिटेल स्टॉल मालिक मार्केट कमेटी से 100 रुपये की पर्ची जारी करवाते थे
ठेका होने से पहले रिटेल स्टॉल मालिक मार्केट कमेटी से 100 रुपये की पर्ची जारी करवाते थे, लेकिन अब ठेकेदार उनसे शुल्क वसूलेगा। हालांकि पहले दिन स्टॉल मालिकों से कोई शुल्क नहीं लिया गया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो ठेकेदार ने स्टॉल मालिकों से प्रतिदिन 300 रुपये शुल्क वसूलने का फैसला किया है। अगर ऐसा हुआ तो स्टॉल मालिक विरोध भी कर सकते हैं। इससे पहले स्टॉल एसोसिएशन ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों से मिलकर रिटेल स्टॉल को ठेके पर न देने का मांग पत्र दिया था, लेकिन अधिकारियों ने स्टॉल मालिकों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया।
चोरी का पता न चले, इसके लिए पर्ची पर वाहन या काउंटर की पहचान नहीं है। ठेकेदार ने जब गुरुवार को पार्किंग शुल्क और छोटी-छोटी दुकानें चलाने वाले लोगों से शुल्क वसूलने के लिए पर्ची जारी की तो उस पर किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं थी। पर्ची पर सिर्फ शुल्क लिखा था, जबकि उस पर न तो वाहन का नाम लिखा था और न ही उसका नंबर। दुकानों की पहचान भी छिपाई गई थी। पहले पर्ची 24 घंटे के लिए वैध थी, लेकिन अब यह सिर्फ 12 घंटे के लिए वैध रहेगी।
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