पंजाब

Jalandhar: गांव की जमीन पर अतिक्रमण, नडाला ब्लॉक के सरपंच निलंबित

Ratna Netam
4 May 2026 1:13 PM IST
Jalandhar: गांव की जमीन पर अतिक्रमण, नडाला ब्लॉक के सरपंच निलंबित
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Jalandhar.जालंधर: नडाला ब्लॉक के एक सरपंच को गांव की जमीन पर अतिक्रमण के गंभीर आरोप के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन और जिला अधिकारियों द्वारा की गई है, ताकि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित की जा सके। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिली थी कि सरपंच ने सार्वजनिक और पंचायत की जमीन पर व्यक्तिगत लाभ के लिए अतिक्रमण किया है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी। प्रारंभिक जांच में अतिक्रमण के आरोपों में पर्याप्त साक्ष्य मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद जिला प्रशासन ने संबंधित सरपंच को निलंबित कर दिया।
जिला प्रशासन ने बयान जारी कर कहा, “सरपंच के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है। निलंबन का कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो और किसी भी प्रकार का दबाव या हस्तक्षेप न हो।” स्थानीय ग्रामीणों ने भी सरपंच के खिलाफ अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई थी। कई ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की जमीन का गलत तरीके से उपयोग लंबे समय से हो रहा था, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने के कारण समस्या बढ़ती गई। अब सरपंच के निलंबन से लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायतों और स्थानीय प्रशासन में ऐसे मामलों का तेजी से समाधान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय प्रतिनिधियों के खिलाफ आरोप सही पाए जाते हैं, तो इससे पंचायत प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ती है और अन्य लोगों के लिए उदाहरण बनता है।
सरपंच के सस्पेंशन के बाद स्थानीय अधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच में सभी दस्तावेज़, जमीन के नक्शे और गवाहों के बयान शामिल किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोष साबित होने पर आगे की कार्रवाई के रूप में कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे। सस्पेंड किए गए सरपंच ने मामले में अपना पक्ष रखने से इनकार नहीं किया है और कहा है कि वह जांच में सहयोग करेंगे। उन्होंने यह दावा किया कि आरोपों की जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए। इस घटना ने नडाला ब्लॉक में पंचायत और प्रशासन के कामकाज पर भी ध्यान खींचा है। स्थानीय समाज और ग्रामीण संगठन सरपंच के निलंबन को प्रशासन की जिम्मेदार कार्रवाई मान रहे हैं। उनका कहना है कि पंचायत की जमीन का संरक्षण और पारदर्शिता बनाए रखना सभी के हित में है।
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