पंजाब
पंजाब में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ चार आरोपी गिरफ्तार
Ratna Netam
23 Sept 2026 8:03 PM IST

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अमृतसर। पंजाब में सीमा पार से संचालित नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अमृतसर की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) विंग ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को इस नेटवर्क के तार विदेश से जुड़े होने की जानकारी मिली है।पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार को कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर की टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार लोगों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से हेरोइन की बड़ी खेप बरामद हुई। बरामद नशीले पदार्थ का वजन करीब 20 किलोग्राम बताया गया है।
DGP के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क को दुबई में बैठा एक कथित ड्रग तस्कर संचालित कर रहा था। वह पंजाब में मौजूद अपने स्थानीय सहयोगियों के साथ-साथ विदेश में सक्रिय दूसरे लोगों के संपर्क में था। नेटवर्क के जरिए नशीले पदार्थों की खेप पंजाब में पहुंचाने और फिर उसे आगे अलग-अलग स्थानों पर भेजने की व्यवस्था की गई थी।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाने की कोशिश कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि पंजाब में इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हैं तथा बरामद हेरोइन को किन इलाकों में पहुंचाया जाना था।
DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों की गिरफ्तारी और 20 किलो हेरोइन की बरामदगी हुई है।उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में दुबई स्थित एक हैंडलर की भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार यह व्यक्ति पंजाब में मौजूद सहयोगियों और विदेश में बैठे तस्करों के साथ तालमेल बनाकर नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
जांच में सीमा पार कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हेरोइन की खेप भारत तक कैसे पहुंचाई गई और इसे प्राप्त करने के बाद स्थानीय स्तर पर किन लोगों ने संभाला। इसके अलावा नशीले पदार्थों की आगे की सप्लाई के लिए बनाई गई पूरी श्रृंखला की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।सीमा से सटे पंजाब में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ और हथियार पहुंचाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। तस्कर सीमा पार से छोटे ड्रोन का इस्तेमाल कर हेरोइन की खेप गिराने की कोशिश करते हैं और भारत में मौजूद सहयोगी तय स्थानों से उन्हें उठा लेते हैं। मौजूदा मामले में भी पुलिस खेप के स्रोत और उसे भारत में पहुंचाने के तरीके की विस्तृत जांच कर रही है।
पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और संपर्कों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। उनके मोबाइल फोन, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था।बरामद 20 किलो हेरोइन को बड़ी खेप माना जा रहा है। इतनी मात्रा में नशीला पदार्थ पकड़े जाने के बाद जांच एजेंसियों का ध्यान इसके सप्लाई नेटवर्क पर केंद्रित है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इससे पहले भी इसी नेटवर्क के जरिए पंजाब या देश के अन्य हिस्सों में हेरोइन की खेप पहुंचाई गई थी।
मामले में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल के पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट यानी NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ की प्रक्रिया की जाएगी।पंजाब पुलिस लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। सीमा पार से आने वाली खेपों को पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा काउंटर इंटेलिजेंस और अन्य विशेष इकाइयों की मदद ली जा रही है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध नेटवर्क की निगरानी भी की जाती है।
इस मामले में विदेश में बैठे कथित हैंडलर की पहचान और उसके नेटवर्क की विस्तृत जानकारी जुटाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि दुबई स्थित व्यक्ति पंजाब में आरोपियों के साथ किस माध्यम से संपर्क करता था और हेरोइन की डिलीवरी तथा भुगतान से जुड़े निर्देश कैसे दिए जाते थे।जांच एजेंसियां हवाला या दूसरे अवैध वित्तीय माध्यमों के इस्तेमाल की संभावना की भी पड़ताल कर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क में नशीले पदार्थों की खरीद और बिक्री से होने वाली रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए कई स्तरों पर लोगों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि मौजूदा मामले में वित्तीय नेटवर्क को लेकर अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस के लिए गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। इससे पता चल सकता है कि आरोपी पहले से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल थे या उन्हें हाल में इस नेटवर्क से जोड़ा गया था।इसके साथ ही आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल और तकनीकी जांच से नेटवर्क की अन्य कड़ियां सामने आ सकती हैं।20 किलो हेरोइन की बरामदगी के बाद पुलिस अब इस खेप के स्रोत से लेकर अंतिम सप्लाई पॉइंट तक पूरी श्रृंखला का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में दुबई कनेक्शन सामने आने से मामला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ गया है। आने वाले दिनों में आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।फिलहाल चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नेटवर्क के आगे और पीछे के संपर्कों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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