पंजाब

ड्रोन से पाकिस्तान से आई 20 किलो हेरोइन बरामद

Kavita2
23 Sept 2026 6:05 PM IST
ड्रोन से पाकिस्तान से आई 20 किलो हेरोइन बरामद
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चंडीगढ़। पंजाब में सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ काउंटर इंटेलिजेंस की टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने कथित तौर पर नशे की सप्लाई से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 20 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि हेरोइन की यह खेप पाकिस्तान स्थित तस्करों ने कुछ दिन पहले ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा क्षेत्र में गिराई थी। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) के थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

काउंटर इंटेलिजेंस को आरोपियों की गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने निगरानी बढ़ाई और कार्रवाई करते हुए चारों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद होने का दावा किया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक बरामद नशीले पदार्थ का कुल वजन करीब 20 किलोग्राम है। इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन मिलने के बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई हैं।

ड्रोन से खेप गिराए जाने का दावा

प्रारंभिक जांच में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी हेरोइन की खेप के सीमा पार से आने को लेकर सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार पाकिस्तान में मौजूद तस्करों ने ड्रोन की मदद से यह खेप भारतीय सीमा क्षेत्र में गिराई थी।

इसके बाद गिरफ्तार आरोपियों ने कथित तौर पर खेप को अपने कब्जे में ले लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी हेरोइन को आगे पहुंचाने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले ही काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि सीमा पार से खेप भेजने वाले लोगों, ड्रोन के संभावित मार्ग और खेप गिराए जाने के सटीक स्थान सहित अन्य पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।

ठिकाने लगाने से पहले पकड़े गए आरोपी

जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने कुछ दिन पहले ही हेरोइन की खेप हासिल की थी। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया था। आरोप है कि बुधवार को इस खेप को आगे किसी दूसरे व्यक्ति या स्थान तक पहुंचाया जाना था।

काउंटर इंटेलिजेंस को इसकी भनक लग गई और टीम ने समय रहते कार्रवाई की। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 20 किलो हेरोइन भी बरामद कर ली गई।

अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हेरोइन की डिलीवरी आखिर किसे दी जानी थी। इसके लिए आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके संपर्कों की जांच की जा रही है।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

चारों आरोपियों के खिलाफ स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल के थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट यानी एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड मांग सकती है। जांच एजेंसी का फोकस केवल बरामद हेरोइन तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

आरोपियों की पहचान, उनके पिछले रिकॉर्ड और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

सीमा पार नेटवर्क की तलाश

हेरोइन की खेप के पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने के दावे के बाद जांच का दायरा सीमा पार नेटवर्क तक पहुंच गया है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि पाकिस्तान की तरफ से खेप भेजने वाला तस्कर या गिरोह कौन था और भारतीय सीमा में उसे हासिल करने के लिए किन लोगों के बीच संपर्क स्थापित किया गया था।

इस तरह के मामलों में मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया और इंटरनेट आधारित संचार माध्यमों से जुड़े डेटा की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के संपर्कों और गतिविधियों की कड़ियां जोड़ेंगी।

यह भी जांच का विषय होगा कि गिरफ्तार आरोपियों का पाकिस्तान स्थित तस्करों से सीधा संपर्क था या उनके बीच किसी अन्य व्यक्ति ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

ड्रोन तस्करी बनी चुनौती

पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए मादक पदार्थ, हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामग्री भेजने के मामले सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बने हुए हैं।

तस्कर छोटे ड्रोन का इस्तेमाल कर रात के समय सीमा के पास निर्धारित स्थानों पर पैकेट गिराने की कोशिश करते हैं। भारतीय क्षेत्र में सक्रिय उनके सहयोगी बाद में इन पैकेटों को उठाकर आगे पहुंचाते हैं।

ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए सीमा सुरक्षा बल और पंजाब पुलिस सहित विभिन्न एजेंसियां निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियान चलाती रहती हैं।

मौजूदा मामले में भी एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित ड्रोन भारतीय क्षेत्र में कितनी दूरी तक आया और हेरोइन किस स्थान पर गिराई गई थी।

पहले भी खेप मंगाने की जांच

जांच एजेंसियों के सामने अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गिरफ्तार आरोपी पहली बार इस तरह की खेप लेने पहुंचे थे या इससे पहले भी सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थों की सप्लाई में उनकी भूमिका रही है।

इसके लिए आरोपियों के पुराने संपर्कों और गतिविधियों की जांच की जा सकती है। उनके बैंक खातों और संदिग्ध लेन-देन से भी नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है।

यदि पहले की किसी खेप से उनका संबंध सामने आता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

स्थानीय नेटवर्क की तलाश

सीमा पार से आने वाली बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी में आम तौर पर कई स्तरों पर लोग शामिल हो सकते हैं। कोई व्यक्ति खेप प्राप्त करने का काम करता है तो दूसरा उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और आगे सप्लाई करने की भूमिका निभा सकता है।

इसी वजह से काउंटर इंटेलिजेंस की टीम गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े संभावित स्थानीय संपर्कों की तलाश कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद 20 किलो हेरोइन को आगे कहां भेजा जाना था और इसकी सप्लाई किन इलाकों में होनी थी।

पूछताछ में हो सकते हैं और खुलासे

चारों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के बाद मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

फिलहाल 20 किलो हेरोइन जब्त कर ली गई है और चार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस इस नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने पर है। सीमा पार बैठे कथित तस्करों से लेकर भारतीय क्षेत्र में खेप प्राप्त करने और उसे आगे पहुंचाने वाले लोगों तक सभी संभावित कड़ियों की जांच की जा रही है।

काउंटर इंटेलिजेंस की इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में हेरोइन की बरामदगी के साथ कथित ड्रोन आधारित तस्करी नेटवर्क का मामला सामने आया है। अब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।

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