पंजाब

दो लोग Moga DC दफ्तर में झंडा लगाना पड़ा भारी

Ratna Netam
2 May 2026 12:35 PM IST
दो लोग Moga DC दफ्तर में झंडा लगाना पड़ा भारी
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Punjab.पंजाब: जिले के डीसी (जिला कलेक्टर) कार्यालय में खालिस्तानी झंडा लगाने के विवादित मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना जिले में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव के बीच सामने आई है, और प्रशासन ने इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में लिया है।
पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार को हुई जब दो युवकों ने मोगा के जिला कलेक्टर कार्यालय की दीवार पर खालिस्तानी झंडा लगा दिया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर झंडा हटाया और CCTV फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को रविवार रात से ही निगरानी में रखा गया था। उनके खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद, उन्हें मोगा जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ न्यायाधीश ने आरोपियों को पुलिस की हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
जिला प्रशासन ने मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मोगा के डीसी ने कहा, “हम इस तरह की किसी भी असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे कृत्यों से सामाजिक सद्भाव और सुरक्षा पर खतरा पैदा होता है। हम सुनिश्चित करेंगे कि कानून के अनुसार कार्रवाई पूरी तरह से की जाए।”
विशेषज्ञों का मानना है कि खालिस्तानी झंडा लगाने की घटनाएं समय-समय पर पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ाने की कोशिशों से जुड़ी होती हैं। हालांकि इस मामले में प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। अधिकांश नागरिकों ने इस घटना की निंदा की और प्रशासन की कार्रवाई को सराहा। कुछ युवाओं का मानना है कि ऐसे कदम समाज में डर और अस्थिरता पैदा करते हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि मामले की जांच जारी है। आरोपियों के नेटवर्क और उनके अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए अतिरिक्त छानबीन की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर विशेष ध्यान दे रही हैं कि भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोका जा सके।
राजनीतिक हलकों में भी इस घटना को लेकर चर्चा हुई है। विपक्षी दलों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया, जबकि कुछ ने इसे चुनावी माहौल में राजनीतिक संदेश देने के रूप में देखा।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और कड़े कदम आवश्यक हैं ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो। प्रशासन ने स्थानीय पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्क रहने का निर्देश दिया है और डीसी कार्यालय सहित संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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