पंजाब

Punjab में गर्मी बढ़ी, बिजली की मांग भी बढ़ी

Payal
21 April 2026 2:30 PM IST
Punjab में गर्मी बढ़ी, बिजली की मांग भी बढ़ी
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Punjab.पंजाब: पंजाब में गर्मी के मौसम के कारण बिजली की मांग में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में पारा लगातार बढ़ रहा है, जिससे घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की खपत बढ़ गई है। इस स्थिति ने बिजली विभाग को सतर्क कर दिया है। विद्युत विभाग के सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में बिजली की मांग सामान्य स्तर से 15-20 प्रतिशत अधिक रही है। घरों में एसी, कूलर और पंखों की खपत में वृद्धि के साथ-साथ उद्योगों और कृषि क्षेत्रों में बिजली की जरूरत भी बढ़ गई है। विभाग ने कहा कि वे बिजली आपूर्ति को लगातार बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली की खपत में वृद्धि सामान्य है, लेकिन अचानक पारे के बढ़ने से मांग चरम स्तर पर पहुंच सकती है। इस कारण से विभाग ने अधिक लोड और संभावित ट्रिपिंग से निपटने के लिए स्टैंडबाय पावर प्लांट और सपोर्ट सिस्टम तैयार रखे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि दिन के समय बिजली की खपत में अचानक वृद्धि हुई है, और कुछ क्षेत्रों में छोटे-मोटे ब्लैकआउट की भी शिकायतें सामने आई हैं। बिजली विभाग ने कहा कि यह अस्थायी समस्या है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। कृषि क्षेत्र में भी बिजली की खपत बढ़ी है। गर्मी के कारण किसानों ने अधिक पम्पिंग और सिंचाई के लिए बिजली का उपयोग किया है, जिससे स्थानीय ट्रांसफार्मरों पर दबाव बढ़ गया है। विभाग ने कहा कि उन्होंने अतिरिक्त ट्रांसफार्मर और आपातकालीन सपोर्ट टीम तैनात की है।
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे विद्युत बचत और जिम्मेदार उपयोग पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि गर्मी में बिजली की खपत को संतुलित करना सभी के लिए जरूरी है, ताकि पूरे राज्य में आपूर्ति सुचारू बनी रहे। मौसम विज्ञानियों ने कहा कि पंजाब में अगले कुछ दिनों में भी उच्च तापमान का अनुमान है। इससे बिजली की मांग बढ़ेगी और बिजली विभाग को सतर्क रहना पड़ेगा। उन्होंने सलाह दी कि लोग ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करें और आवश्यकता पड़ने पर ही बड़े उपकरणों का उपयोग करें। कुल मिलाकर, पंजाब में पारा बढ़ने के कारण बिजली की मांग में उछाल आया है। विभाग ने अतिरिक्त संसाधनों और सतर्कता के साथ इसे संभालने की कोशिश की है। लेकिन जनता की जिम्मेदार खपत और विभाग की तत्परता ही इसे पूरी तरह से संतुलित बनाए रख सकती है।
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