पंजाब

Punjab: पिंड क्लीनिक योजना के बावजूद डिस्पेंसरियों में सुविधाओं की कमी

Ratna Netam
21 April 2026 2:13 PM IST
Punjab: पिंड क्लीनिक योजना के बावजूद डिस्पेंसरियों में सुविधाओं की कमी
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Punjab.पंजाब: पंजाब में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है। राज्य सरकार ने हाल ही में 1,100 पिंड क्लीनिक खोलने की घोषणा की है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके। इसके बावजूद, राज्य की पुरानी और मौजूदा ग्रामीण डिस्पेंसरियों को अनदेखी और पर्याप्त संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कई डिस्पेंसरियों में दवाओं की कमी, स्टाफ की अपर्याप्त संख्या और बेसिक मेडिकल उपकरणों की कमी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। ग्रामीण मरीजों और स्थानीय समुदाय ने शिकायत की है कि डिस्पेंसरियों में आने के बावजूद उन्हें पर्याप्त और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पिंड क्लीनिक योजना अच्छी पहल है, लेकिन मौजूदा डिस्पेंसरियों की उपेक्षा से यह प्रयास पूरी तरह प्रभावशाली नहीं हो पाएगा। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि पिंड क्लीनिक खोलने से पहले मौजूदा डिस्पेंसरियों के इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टाफ की स्थिति को सुधारना जरूरी है।
AAP सरकार ने पिछले महीने घोषणा की थी कि 1,100 पिंड क्लीनिक खोले जाएंगे, जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मातृ और शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और सामान्य बीमारियों का इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह योजना ग्रामीण समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का एक बड़ा कदम है।
हालांकि, स्थानीय लोगों ने कहा कि यह योजना अगर मौजूदा डिस्पेंसरियों में सुधार के साथ नहीं लागू होती, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। कई ग्रामीण अब भी लंबी दूरी तय करके शहर के अस्पतालों पर निर्भर हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिंड क्लीनिक योजना के तहत नए क्लीनिकों के लिए मेडिकल स्टाफ, दवाइयां और उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। साथ ही, पुरानी डिस्पेंसरियों को भी धीरे-धीरे अपग्रेड करने की योजना है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ग्रामीण समुदाय की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए सुधार की प्रक्रिया जारी है।
विशेषज्ञों ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ होना सिर्फ नई क्लीनिक खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि मौजूदा केंद्रों की स्थिति को सुधारना और उन्हें पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।
इस प्रकार, पंजाब में AAP सरकार के 1,100 पिंड क्लीनिक खोलने के प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन ग्रामीण डिस्पेंसरियों की अनदेखी यह सवाल खड़ा करती है कि क्या ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को वास्तव में सशक्त बनाने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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