पंजाब

Amritsar में हेल्थ कॉन्क्लेव: लिसा रे ने कहा, 'मेनोपॉज जीवन का अंत नहीं'

Ratna Netam
8 May 2026 12:36 PM IST
Amritsar में हेल्थ कॉन्क्लेव: लिसा रे ने कहा, मेनोपॉज जीवन का अंत नहीं
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Punjab.पंजाब: बॉलीवुड अभिनेत्री और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लिसा रे ने अमृतसर में आयोजित हेल्थ कॉन्क्लेव में महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि मेनोपॉज जीवन का अंत नहीं है, बल्कि यह नए अध्याय की शुरुआत है। कॉन्क्लेव में महिलाओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भाग लिया और महिलाओं की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
लिसा रे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "मेनोपॉज को केवल उम्र बढ़ने की प्रक्रिया या जीवन का अंत मानना गलत है। यह शरीर और मन में बदलाव का समय है, जिसमें महिलाओं को खुद की देखभाल और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। इसे स्वीकार करना और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना बहुत जरूरी है।" उन्होंने कहा कि समाज में अक्सर मेनोपॉज को टेबू और शर्मिंदगी से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन समय आ गया है कि इसे खुले दिल से समझा और अपनाया जाए।
कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी मेनोपॉज के दौरान पोषण, व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य और हार्मोनल बदलावों पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सही आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक संतुलन से महिलाओं को इस जीवन परिवर्तन के दौरान बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद मिलती है।
लिसा रे ने कहा, "महिलाओं को अपने शरीर की सुनना और उसके बदलावों को समझना सीखना चाहिए। मेनोपॉज के दौरान स्वयं की देखभाल, सकारात्मक सोच और समर्थन समूहों का सहारा लेना बेहद जरूरी है। यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन इसे अवसर के रूप में देखा जा सकता है।"
कॉन्क्लेव में महिलाओं ने भी अपने सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। कई महिलाओं ने बताया कि समाज और परिवार में मेनोपॉज को लेकर अक्सर गलत धारणाएं और पूर्वाग्रह होते हैं, जिससे मानसिक और भावनात्मक दबाव बढ़ता है। लिसा रे ने इन सभी को समझते हुए उनकी चिंताओं को साझा किया और कहा कि जागरूकता और संवाद ही इस विषय को सामान्य बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है।
इसके अलावा, कॉन्क्लेव में योग और ध्यान सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें महिलाओं को तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के उपाय बताए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह की गतिविधियां महिलाओं को आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं।
लिसा रे ने कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं को प्रोत्साहित किया कि वे अपने जीवन के इस नए चरण को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेनोपॉज केवल शारीरिक बदलाव का समय नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत विकास, आत्म-देखभाल और जीवन के नए अवसरों की शुरुआत का समय है।
हेल्थ कॉन्क्लेव का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देना, उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना और उन्हें सशक्त बनाना था। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं ने कहा कि लिसा रे के संदेश से उन्हें आत्मविश्वास और प्रेरणा मिली और उन्होंने मेनोपॉज को डर या शर्मिंदगी की जगह सकारात्मक बदलाव के रूप में स्वीकार करने का निर्णय लिया।
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