पंजाब

सरकार से आदेश की मांग, Gyani Gargaj ने बेअदबी कानून पर जताई चिंता

Ratna Netam
8 May 2026 12:18 PM IST
सरकार से आदेश की मांग, Gyani Gargaj ने बेअदबी कानून पर जताई चिंता
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Punjab.पंजाब: धार्मिक और सामाजिक मामलों के जानकार ज्ञानी गर्गज ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह बेअदबी विरोधी कानून की शब्दावली को स्पष्ट और सुसंगत बनाने के लिए आदेश जारी करे। उनका कहना है कि वर्तमान कानून की अस्पष्टता के कारण समाज में भ्रम और विवाद की स्थिति बनी हुई है।
ज्ञानी गर्गज ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमारे देश में धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा आवश्यक है, लेकिन कानून की भाषा इतनी अस्पष्ट नहीं होनी चाहिए कि इसका दुरुपयोग किया जा सके। यह जरूरी है कि कानून में प्रयुक्त शब्दों और धाराओं को स्पष्ट किया जाए, ताकि किसी भी वर्ग या समुदाय के साथ अन्याय न हो।" उन्होंने कहा कि कई बार न्यायालयों और प्रशासनिक संस्थानों को भी कानून की सही व्याख्या करने में कठिनाई होती है, जिससे विवाद और लंबित मामलों की संख्या बढ़ जाती है।
ज्ञानी गर्गज ने केंद्र सरकार से विशेष आग्रह किया कि वे बेअदबी विरोधी कानून में सुधार करते हुए इसकी शब्दावली पर सार्वजनिक आदेश जारी करें। उनका कहना है कि यह कदम न केवल कानून की स्पष्टता सुनिश्चित करेगा, बल्कि समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द और न्याय की भावना को भी मजबूत करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कानून की अस्पष्ट शब्दावली का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसका दुरुपयोग राजनीतिक या व्यक्तिगत हितों के लिए किया जा सकता है। ज्ञानी गर्गज ने यह भी सुझाव दिया कि कानून में बदलाव करते समय विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों की राय ली जाए, ताकि कानून सभी के लिए न्यायसंगत और संतुलित बने।
ज्ञानी गर्गज के इस आग्रह से सामाजिक संगठनों और धार्मिक विशेषज्ञों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। कई समाजिक कार्यकर्ताओं ने उनकी राय का समर्थन करते हुए कहा कि कानून की स्पष्ट शब्दावली से गलतफहमी और झूठे आरोपों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह कदम धार्मिक सहिष्णुता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
केंद्र सरकार की तरफ से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है और जल्द ही इस पर विस्तृत समीक्षा की संभावना है। ज्ञानी गर्गज ने कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि सरकार जल्द ही कानून की शब्दावली पर स्पष्ट निर्देश जारी करेगी और इसे लागू करने में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर सरकार ज्ञानी गर्गज की सलाह मानकर कानून की भाषा स्पष्ट करती है, तो यह देश में धार्मिक और सामाजिक विवादों को कम करने में मदद करेगा। साथ ही, इससे न्यायपालिका और प्रशासन के लिए कानून की सही व्याख्या करना भी आसान होगा।
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