पंजाब

Malerkotla में कचरे का ढेर, प्रशासन और कर्मचारियों के बीच तनाव

Ratna Netam
10 May 2026 1:38 PM IST
Malerkotla में कचरे का ढेर, प्रशासन और कर्मचारियों के बीच तनाव
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Ludhiana.लुधियाना: राज्यव्यापी सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के चलते मलेरकोटला शहर में कचरे का संकट गहराता जा रहा है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण नगर में कचरा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है, जिससे कई इलाकों में गंदगी और बदबू फैल गई है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि शहर की सड़कों और गलियों में कचरे के ढेर लग गए हैं। बाजार, मोहल्ले और प्रमुख सड़कें कचरे से भरी हुई हैं, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने कहा कि कचरे के ढेर के कारण उनके व्यवसाय पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सफाई कर्मचारियों का राज्यव्यापी आंदोलन पिछले कुछ दिनों से जारी है। कर्मचारियों की मांगों में वेतन सुधार, बेहतर कार्य परिस्थितियों और अतिरिक्त भत्तों की मांग शामिल है। आंदोलन के कारण निगम को अपनी नियमित सफाई योजना लागू करने में मुश्किलें आ रही हैं।
नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि वे कर्मचारियों से वार्ता करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा, कुछ इलाकों में सफाई के लिए अस्थायी व्यवस्था और अनुबंधित एजेंसियों को तैनात किया गया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि यदि हड़ताल लंबी होती है, तो स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिहाज से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खुले में पड़ा कचरा रोगाणु फैलाने का खतरा बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कचरे का ढेर रहने से संक्रमण और बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं। नगर निगम को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि सरकार और नगर निगम को कर्मचारियों की मांगों का समाधान शीघ्र करना चाहिए ताकि कचरे की समस्या से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा और स्वच्छता प्राथमिकता होनी चाहिए।
सफाई कर्मचारियों का आंदोलन इस बात का संकेत है कि शहर की सफाई और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। यदि कर्मचारियों की मांगों को जल्द हल नहीं किया गया, तो मलेरकोटला जैसे शहरों में कचरे का संकट लगातार बढ़ता जाएगा।
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