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बठिंडा थर्मल प्लांट में आग, तीन यूनिट बंद होने से बिजली उत्पादन घटा

Kavita2
17 Aug 2026 5:25 PM IST
बठिंडा थर्मल प्लांट में आग, तीन यूनिट बंद होने से बिजली उत्पादन घटा
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बठिंडा। पंजाब के बठिंडा जिले में स्थित लहरा मोहब्बत के श्री गुरु हरगोबिंद साहिब थर्मल पावर प्लांट में रविवार रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। प्लांट के बेल्ट नंबर-29 में लगी आग तेजी से फैल गई, जिसकी चपेट में बिजली की केबलें और कई अन्य उपकरण आ गए। घटना के बाद थर्मल प्लांट की चार में से तीन यूनिट बंद करनी पड़ीं।

थर्मल प्लांट में आग लगने की घटना ऐसे समय में हुई है, जब राज्य में बिजली की मांग पहले से ही बढ़ी हुई है। तीन यूनिट बंद होने से पंजाब की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, रविवार रात श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ताप विद्युत संयंत्र के बेल्ट नंबर-29 में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने आसपास के हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें बढ़ने के कारण बेल्ट के साथ बिजली की केबलें और अन्य तकनीकी उपकरण भी प्रभावित हुए।

घटना की सूचना मिलते ही प्लांट प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित हिस्से को अलग कर दिया गया और तकनीकी टीमों ने नुकसान का आकलन शुरू किया।

तीन यूनिट बंद, बिजली उत्पादन प्रभावित

लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता करीब 920 मेगावाट है। लेकिन आग की घटना के बाद चार में से तीन यूनिट बंद हो गईं।

सूत्रों के अनुसार, फिलहाल प्लांट से करीब 152 मेगावाट बिजली उत्पादन ही हो पा रहा है। इससे राज्य के बिजली उत्पादन में कमी आई है।

बताया जा रहा है कि आग से यूनिट नंबर-3 को भी काफी नुकसान पहुंचा है। तकनीकी विशेषज्ञ नुकसान का आकलन कर रहे हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि बंद यूनिटों को दोबारा शुरू करने में कितना समय लगेगा।

बिजली संकट बढ़ने की आशंका

पंजाब में इस समय बिजली की मांग काफी अधिक बनी हुई है। ऐसे में बड़े थर्मल प्लांट की यूनिटों के बंद होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, बिजली विभाग की ओर से स्थिति को संभालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बिजली विशेषज्ञों के अनुसार, थर्मल प्लांट की यूनिट बंद होने से उत्पादन में कमी आती है और मांग पूरी करने के लिए अन्य स्रोतों पर निर्भरता बढ़ जाती है।

नुकसान का किया जा रहा आकलन

आग लगने के बाद प्लांट प्रबंधन ने तकनीकी टीमों को नुकसान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए हैं।

विशेषज्ञ यह जांच कर रहे हैं कि आग किस कारण से लगी और इससे प्लांट के किन-किन हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही बंद पड़ी यूनिटों को जल्द शुरू करने के लिए मरम्मत कार्य की योजना बनाई जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित उपकरणों की जांच और मरम्मत का काम किया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

थर्मल प्लांट जैसे बड़े औद्योगिक संस्थानों में आग की घटनाएं गंभीर मानी जाती हैं। इस घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली संयंत्रों में बेल्ट, केबल और अन्य उपकरणों की नियमित जांच बेहद जरूरी होती है, क्योंकि किसी भी तकनीकी खराबी से बड़ा नुकसान हो सकता है।

प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि आग लगने की वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जा सकते हैं।

जल्द बहाल करने की कोशिश

प्लांट अधिकारियों का कहना है कि बंद यूनिटों को जल्द से जल्द चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञ लगातार काम कर रहे हैं।

बिजली विभाग की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यूनिटों की बहाली और बिजली उत्पादन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल आग की घटना ने पंजाब की बिजली व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। बढ़ती बिजली मांग के बीच एक बड़े उत्पादन केंद्र की तीन यूनिट बंद होने से विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

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